नई दिल्ली: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को उनका सरकारी बंगला खाली करने के लिए नोटिस जारी किया गया है. आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि प्रियंका गांधी एक महीने के भीतर अपना सरकारी बंगला खाली कर दें, क्योंकि SPG सुरक्षा वापस लिए जाने के बाद वह आवासीय सुविधा पाने की हकदार नहीं हैं. प्रियंका गांधी 1 अगस्त तक मौजूदा आवास ’35 लोधी एस्टेट’ खाली कर दें और अगर ऐसा नहीं करती हैं तो उन्हें नियमों के मुताबिक किराये अथवा क्षतिपूर्ति का भुगतान करना होगा. इसे लेकर कांग्रेस ने मोदी सरकार पर हमला बोला बोला है.
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया, ‘भाजपा व मोदी सरकार की कांग्रेस नेत्रत्व से अंधी नफ़रत तथा प्रतिशोध की भावना जग ज़ाहिर है. अब तो वह और औछी हरकतों व हथकंडों पर उतर आए हैं. प्रियंका जी का मकान ख़ाली कराने का नोटिस मोदीजी-योगीजी की बेचैनी दिखाता है. कुंठित सरकार के तुग़लकी फ़ैसलों से हम डरने वाले नहीं.
उधर, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार को प्रियंका गांधी की सुरक्षा को देखते हुए उनके आवास का आवंटन रद्द करने का फैसला वापस लेना चाहिए. कांग्रेस नेता जितिन प्रसाद ने कहा, ‘मैं समझ नहीं पा रहा हूं कि सरकार ने इस कदम के लिए यह समय क्यों चुना. बहरहाल, ध्यान भटकाने के मकसद से उठाए गए कदमों का प्रियंका गांधी पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है. वह उत्तर प्रदेश की जनता की लड़ाई लड़ने के मिशन पर निकली हैं और रुकने वाली नहीं हैं.’
बता दें कि सरकार ने पिछले साल नवंबर में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की एसपीजी सुरक्षा वापस ले ली थी तथा उन्हें जेड-प्लस श्रेणी सुरक्षा दी थी. एक अधिकारी ने बताया कि टाइप 6बी का यह आवास प्रियंका को 21 फरवरी, 1997 को आवंटित किया गया था क्योंकि उस वक्त उन्हें एसपीजी सुरक्षा मिली हुई थी।
अधिकारी के मुताबिक जेड-प्लस श्रेणी की सुरक्षा में आवास सुविधा का प्रावधान नहीं होता और ऐसे में उन्हें यह बंगला खाली करना पड़ेगा