जयपुर: राजस्थान में बढ़ते तापमान ने यूपी और बिहार स्थित अपने घर लौट रहे प्रवासी श्रमिकों की मुश्किलें और बढ़ाने का काम किया है. राजस्थान में तापमान बढ़ते हुए 37 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है. ऐसे में राज्य में इन श्रमिकों की मदद के लिए बसें शुरू की गई हैं जो इन श्रमिकों को राजस्थान की राजधानी जयपुर को आगरा से जोड़ने वाले राजमार्ग तक छोड़ेंगी. यह चार लेन की सड़क है जो राजस्थान से जाने वाले प्रवासी मजदूरों द्वारा इस्तेमाल की जाती है.
21 बसें इन श्रमिकों को सीमा तक ले जाएंगी. मंगलवार दो बजे तक 625 कर्मचारियों को “नो टू फुट मूवमेंट” ड्राइव के तहत एकत्र किया गया था. इसके अंतर्गत 200 किलोमीटर लंबे राजमार्ग पर चलने वाले मजदूरों को रुकने के लिए कहा गया था. बोर्डिंग से पहले, थर्मल स्कैनर से इन श्रमिकों के शरीर का टेंपरेचर लिया गया और इन्हें सेनिटाइजर सौंपे गए. इन श्रमिकों को भोजन के पैकेट, पानी और मॉस्क जैसी जरूरी सामग्री भी दी गई. सोशल डिस्टेसिंग का का पालन करने के लिए बसों को आधा खाली छोड़ा जा रहा है. सप्ताहांत में उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में इसी तरह से बसों का इंतजाम किया जाएगा.
सीमा पर यदि इन श्रमिकों के गृहराज्य उन्हें ले जाने से इनकार करते हैं तो इनको भरतपुर में शिविरों में रखा जाएगा. भरतपुर अपने पक्षी विहारों के लिए मशहूर है. राजस्थान सरकार का कहना है कि इसकी नई पहल श्रमिकों को सवारी की सुविधा उपलब्ध करा रही है लेकिन यह उन बसों/ट्रेनों का विकल्प नहीं है जो उन प्रवासी श्रमिकों को ले जा रही हैं जिन्होंने अपने गांव वापस जाने के लिए पंजीकरण कराया है. सोमवार को जयपुर में लगभग दो सौ श्रमिकों ने प्रदर्शन किया था जिसके बाद लाठीचार्ज करने की नौबत आई थी. प्रदर्शन करने वाले श्रमिकों में से ज्यादातर लोग थे जो शास्त्री नगर और जोटवारा इलाके में किराए से रह रहे थे. इन श्रमिकों ने उन्हें घर पहुंचाने के लिए मदद मांगी थी.
कोरोना वायरस की महामारी के बीच प्रधानमंत्री मंगलवार रात 8 बजे देश को संबोधित करेंगे. समझा जाता है कि अपने इस संबोधन में पीएम 23 मार्च को पहली बार घोषित किए गए राष्ट्रीय लॉकडाउन के बारे में बात करेंगे. देश में इस समय 17 मई तक लॉकडाउन जारी है. राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ सोमवार को हुई बैठक में कई राज्यों ने लॉकडाउन की अवधि बढ़ाने के पक्ष में राय जताई थी. ऐसे में समझा जाता है कि संबोधन में पीएम इस बारे में बात करते हैं कि लॉकडाउन को क्रमवार किस तरह उठाया जाना है.