dehradun: कोरोना वायरस का कहर चीन से ही दुनियाभर में फैला था. खतरनाक कोरोना से संक्रमित पहला पेशेंट चीन में ही मिला था. चीन का वुहान कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित था, हालांकि समय रहते युद्ध स्तर पर चलाए गए राहत और बचाव कार्य के चलते चीन इस महामारी से उबरने में सफल हो गया. कोरोना मुक्त होने के बाद चीन में अब लॉकडाउन को खत्म कर दिया गया है, जनजीवन तेजी से सामान्य होता जा रहा है और पर्यटन स्थलों पर लोगों की भीड़ उमड़ने लगी है. स्वास्थ्य मंत्रालय (Health authorities) की ओर से चेतावनी जारी किए जाने के बावजूद वीकेंड पर प्रमुख शहरों और पर्यटन स्थलों पर भीड़ उमड़ रही है. सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि देश में कोरोना वायरस की महामारी का खतरा फिर से उत्पन्न हो सकता है. कोराना की महामारी से उबरने का मतलब यह नहीं है कि संकट पूरी तरह से खत्म हो चुका है और इसके फिर से सामने आने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता.
चीन के अन्हुई प्रांत के हुआनशान माउंटेन पार्क पर शनिवार चार अप्रैल को हजारों की संख्या में लोग एक साथ नजर आए. इनमें से ज्यादातर लोगों ने मास्क पहन रखा था और लंबे/कठिन लॉकडाउन, यात्रा की पाबंदी के बाद आउटडोर का मजा लेने की आतुरता इनमें साफ देखी जा सकती थी. लोगों के बीच बाहर निकलने को लेकर इस कदर जल्दबाजी थी कि सुबह 7:50 बजे तक ही हजारों की संख्या में लोग लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर पहुंच गए थे. ऐसे में अथॉरिटी को नोटिस जारी करना पड़ा कि पार्क में लोगों की संख्या 20 हजार तक पहुंच गई है और इसमें और पर्यटकों की क्षमता नहीं है.
इसी तरह शंघाई के मशहूर बुंद वाटरफ्रंट में भी कई सप्ताह के बाद शॉपिंग करने वाले और पर्यटकों की भीड़ जुटी. लॉकडाउन के दौरान यह स्थान सुनसान रहा करता था. कोरोना के प्रकोप के का रण बंद किए रेस्टोरेंट में भी रौनक दिखने लगी है. राजधानी बीजिंग के पार्कों और ओपन स्पेस में भी भीड़ नजर आई. यह रौनक चीन में करीब तीन महीने के बाद आई है, हालांकि इस रौनक के बीच यह आशंका भी गहराने लगी है कि चीन में कहीं फिर से कोरोना वायरस की दस्तक नहीं हो जाए.