देश में कोरोनावायरस के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं. पिछले 24 घंटों में कोरोना के 194 नए मामले सामने आए हैं. इसी के साथ भारत में इस वायरस से पीड़ित लोगों की संख्या बढ़कर 918 हो गई है. इधर देश में जारी लॉकडाउन के कारण गरीबों की रोजी-रोटी पर आफत आ गयी है. जिसके बाद हजारों की संख्या में लोग अपने-अपने गांव की तरफ वापस जाना चाहते हैं. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक वीडियो ट्वीट कर सरकार पर हमला बोला है. राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में लिखा है,” हजारों भारतीय भाई बहन अपने गांव की तरफ वापस जाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. उनका काम धंधा बंद हो गया है उनका भविष्य अनिश्चित है. यह शर्मनाक है कि सरकार के पास कोई आपातकालिन योजना नहीं थी, सरकार ने इन्हें ऐसे ही जाने के लिए छोड़ दिया है.”
गौरतलब है कि कोरोनावायरस लॉकडाउन के बीच कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी शहर से गांव की ओर लौट रहे लोगों की मदद के लिए सरकार से आग्रह किया था. प्रियंका गांधी वीडियो संदेश के साथ किए अपने ट्वीट में लिखा- “दिल्ली के बॉर्डर पर त्रासद स्थिति पैदा हो चुकी है. हजारों की संख्या में लोग पैदल अपने घरों की तरफ निकल पड़े हैं. कोई साधन नहीं, भोजन नहीं. कोरोना का आतंक, बेरोजगारी और भूख का भय इनके पैरों को घर गाँव की ओर धकेल रहा है. मैं सरकार से प्रार्थना करती हूँ कृपया इनकी मदद कीजिए.”
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेता कन्हैया कुमार ने भी ट्वीट कर सरकार से गरीब और अमीर के बीच भेदभाव नहीं करने की बात कहीं थी. कन्हैया ने अपने ट्वीट में लिखा था, “मज़दूर ग़रीब हैं, मुजरिम नहीं. महामारी की चपेट में अमीर-ग़रीब दोनों आ रहे हैं, जब बीमारी भेदभाव नहीं कर रही तो इसके बचाव में भी भेदभाव नहीं होना चाहिए.सबकी जान की कीमत बराबर है, चाहे अमीर हो या ग़रीब”
बता दें कि है कि शनिवार को गृहमंत्रालय ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को आदेश जारी किया है. जिसके तहत राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों से कहा गया है कि मजदूरों के लिए SDRF फंड से राहत शिविरों की व्यवस्था की जाए. उनके लिए अस्थायी आवास, भोजन, कपड़े, चिकित्सा की व्यावस्था भी की जाए.