नई दिल्ली: पूर्व आप नेता अलका लांबा घरवापसी के बाद अब चांदनी चौक से कांग्रेस की उम्मीदवार हैं. चांदनी चौक की विधायक रह चुकी अलका लांबा पहले कांग्रेस में थीं जिसके बाद वह आम आदमी पार्टी के साथ जुड़ीं और अब वह वापस कांग्रेस में आ चुकी हैं. अलका लांबा ने अपना राजनीतिक सफर 1994 में शुरू किया था. 1994 में वह डीयू से बीएससी का कोर्स कर रही थीं और उसी दौरान वह कांग्रेस के स्टूडेंट यूनियन एनएसयूआई के साथ जुड़ी.
उस दौरान उन्होंने एनएसयूआई की ओर से स्टेट गर्ल कनवीनर का पद भी संभाला. 1995 में अलका लांबा ने एनएसयूआई से दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन (DUSU) का चुनाव लड़ा, इस चुनाव में उन्हें अच्छे खासे वोट मिले और वह दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन की अध्यक्ष बन गईं. 2002 में उन्हें अखिल भारतीय महिला कांग्रेस के महासचिव के रूप में नियुक्त किया गया था
2006 में वह अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) के सदस्य बन गईं और दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी (डीपीसीसी) के महासचिव नियुक्त हुईं. उन्होंने 16 जुलाई 2012 को महिलाओं के लिए राष्ट्रीय आयोग का प्रतिनिधित्व भी किया. अलका लांबा ने अपना पहला चुनाव 2003 में दिल्ली के मोती नगर विधानसभा सीट से लड़ा था.
वह महिला एंव बाल विकास मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक कॉर्पोरेशन एंड चाइल्ड डेवलेपमेंट की वाइस चेयरपर्सन रह चुकी हैं. इसके अलावा अलका अपना एक एनजीओ भी चलाती हैं जिसका नाम गो इंडिया फाउंडेशन है. यह एनजीओ पहली बार 2015 में चर्चा में आया था. उस साल एनजीओ के माध्यम से 15 अगस्त के दिन एक साथ 65 हजार लोगों ने रक्तदान किया था.