नई दिल्ली: नागरिकता संशोधन कानून को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन जारी है. पूर्वोत्तर के राज्यों के साथ-साथ बीते दिन उत्तर पूर्वी दिल्ली के सीलमपुर में भी हिंसा की कई घटनाएं देखने को मिलीं. नागरिकता संशोधन कानून और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (NRC) को लेकर बॉलीवुड कलाकारों ने भी खुलकर अपनी राय पेश की. यहां तक कि बॉलीवुड कलाकारों में भी कानून के लिए दो पक्ष देखने को मिले. जहां कई कलाकारों ने कानून के समर्थन में ट्वीट किये, तो वहीं कुछ कलाकारों ने इसका खुलकर विरोध किया. बॉलीवुड एक्टर पुलकित सम्राट और फिल्म निर्माता अशोक पंडित में नागरिकता संशोधन कानून के लिए ट्विटर पर ही जंग छिड़ गई.
दरअसल, एक्टर पुलकित सम्राट ने बीते दिन नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act) पर ट्वीट करते हुए लिखा, “बर्बरतापूर्वक, गैरलोकतांत्रिक! हम इसी दिशा में जा रहे हैं. ये वो भारत नहीं है, जहां मैं पैदा हुआ था.” पुल्कित सम्राट के इस ट्वीट का जवाब देते हुए अशोक पंडित ने लिखा, “जामिया के छात्र बर्बर, गैरलोकतांत्रिक, अनसेक्युलर हैं और उनके खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए. कोई भी कानून से ऊपर नहीं है. भारत एक महान देश है और नरेंद्र मोदी के शासन में ऐसे ही रहेगा. छात्र गुंडों की तरह व्यवहार नहीं कर सकते.”
अशोक पंडित (Ashoke Pandit) का यह ट्वीट देखकर पुलकित सम्राट (Pulkit Samrat) ने उनका रिप्लाई किया. उन्होंने ट्वीट का रिप्लाई करते हुए लिखा, “सर, मैं इस देश के समझदार नागरिकों से बात कर रहा हूं, आप पर व्यक्तिगत हमला नहीं कर रहा. ये नागरिकों के लिए है, जो नागरिक नहीं रहेंगे अगर हम इसी दिशा में जाते रहे तो. इस मामले में अपनी नाक घुसाने का अच्छा काम है.” पुलकित सम्राट के ट्वीट पर जवाब देते हुए अशोक पंडित ने एक और ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने कहा, “सर, मैं भी अपने देश के नागरिकों से बात कर रहा था आप पर व्यक्तिगत अटैक नहीं. ये उन नागरिकों के लिए है, जो अपने ही देश में संघर्ष कर रहे हैं. आपका ट्वीट पढ़कर लगा आपकी तबीयत खराब है.” अशोक पंडित और पुल्कित सम्राट की यह जंग यहीं नहीं रुकी. दोनों ने एक-दूसरे को ट्वीट कर कहा कि कभी मत मिलिएगा.
हालांकि, इसके बाद भी अशोक पंडित (Ashoke Pandit) और पुलकित सम्राट (Pulkit Samrat) में ट्विटर जंग जारी रही. पुलकित सम्राट ने अशोक पंडित का रिप्लाई करते हुए लिखा, “आपका धन्यवाद मास्टर. रोटी, कपड़ा और मकान के लिए धन्यवाद. आपको दोषी नहीं मान रहा. और इसे बौद्धिक नहीं समझदारी कहते हैं जनाब. खुदा न करे कि किसी को भी आपके सपनों के जहन्नुम में जीना पड़े. आपके लिए दुआएं.” अशोक पंडित ने पुलकित के इस जवाब पर ट्वीट करते हुए लिखा, “जहन्नुम को जन्नत और जन्नत को जहन्नुम समझना ही आप जैसे लोगों की खासियत है. इसी गलतफहमी में रहिए और देश का भला करिए. नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) इस देश को जन्नत बनाकर ही रहेंगे.”