एडिटर अनामिका मिश्रा: दिल्ली:ब्राह्मण समाज की बड़ी बैठक: दिल्ली में जुटी शक्ति, संगठन की मजबूती के लिए चुने गए नए पदाधिकारी।”
चाणक्य नीति और परशुराम का तेज: 2026 के संकल्पों के साथ परशुराम दल का नया शंखनाद!
नई दिल्ली: पंजीकृत राष्ट्रीय संगठन ‘परशुराम दल’ ने अपने देशव्यापी विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। संगठन को सशक्त और प्रभावशाली बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में देश के 24 राज्यों के लिए प्रदेश संयोजकों की घोषणा की गई है।
संगठन का मुख्य ध्येय: सशक्त और आत्मनिर्भर ब्राह्मण समाज
राष्ट्रीय अध्यक्ष गंगाधर शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में संगठन के भविष्य के रोडमैप पर चर्चा की गई। बैठक के दौरान राष्ट्रीय महासचिव सीएल शर्मा ने स्पष्ट किया कि परशुराम दल का मुख्य उद्देश्य ब्राह्मण समाज को सशक्त और समर्थ बनाना, आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर करना। अस्मिता की रक्षा करना।उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि संगठन उन दुष्प्रचारियों का पुरजोर विरोध कर रहा है जो समाज को अपमानित करने का प्रयास करते हैं। परशुराम दल देश के हर कोने में ब्राह्मणों की आवाज बनकर उभरेगा।
प्रमुख नियुक्तियां: जम्मू से केरल तक संगठन की कमान
संगठन ने उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक अपनी पैठ मजबूत करते हुए निम्नलिखित पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है:
क्षेत्र नियुक्त प्रदेश प्रमुख


बैठक में वरिष्ठ नेतृत्व की उपस्थिति
इस अवसर पर राष्ट्रीय कार्यकारिणी के कई गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें संरक्षक तेजराम दीक्षित, सचिव भागीरथ पंडित, भगवती प्रसाद रावत, श्याम सुंदर शर्मा, यश रावत और प्रवक्ता कपिल भारद्वाज मुख्य थे। सभी पदाधिकारियों ने नवनियुक्त प्रदेश प्रमुखों को बधाई देते हुए समाज हित में कार्य करने का संकल्प लिया।
”हमारा लक्ष्य केवल संगठन बनाना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना और उसे सुरक्षा व सम्मान का अहसास कराना है।” – सीएल शर्मा, राष्ट्रीय महासचिव