राजधानी दून में शुक्रवार को करवा चौथ की धूम रही। सुहागिनों ने निर्जला व्रत रखकर पूजा-अर्चना की। रेसकोर्स, तिलक रोड, बंजारावाला, डीएल रोड सहित अन्य स्थानों पर सामूहिक पूजन किया गया। यहां महिलाओं ने करवा चौथ की कथा सुनी और भजन-कीर्तन किए। शाम को सोलह शृंगार कर चांद को अर्घ्य दिया और पति के हाथ से जल ग्रहण कर व्रत पूरा किया।
वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में अपनी पत्नी गीता धामी के साथ करवा चौथ का व्रत पारंपरिक श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया। मुख्यमंत्री ने विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना कर भगवान शिव-पार्वती से समस्त प्रदेशवासियों के सुख, शांति, स्वास्थ्य एवं समृद्धि की कामना की।
उधर, राजभवन में शुक्रवार को प्रथम महिला गुरमीत कौर ने करवाचौथ का पारंपरिक एवं भव्य आयोजन किया। इसमें उत्तराखंड की आईएएस, आईपीएस और आईएफएस एसोसिएशन की महिलाओं ने भी शिरकत की। कार्यक्रम की शुरुआत में पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई, जिसमें सभी महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों में सज-धजकर सहभागिता की।
गुरमीत कौर ने सभी उपस्थित महिलाओं का स्वागत करते हुए करवाचौथ पर्व के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह पर्व नारी की श्रद्धा, प्रेम, समर्पण और त्याग का प्रतीक है, जो पारिवारिक जीवन के बंधनों को और सशक्त बनाता है। यह परंपरा हमें परिवार और रिश्तों की अहमियत को स्मरण कराती है तथा परस्पर सम्मान और एकता के संदेश को प्रबल करती है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि करवा चौथ भारतीय नारी की अटूट आस्था, प्रेम, त्याग और समर्पण का प्रतीक पर्व है। यह पर्व पारिवारिक जीवन में विश्वास, प्रेम और एकता के सूत्र को और अधिक मजबूत करता है।