नैनीताल. उत्तराखंड के अधिकारियों को नैनीताल हाईकोर्ट के आदेशों को गंभीरता से न लेने का सबक मिलने जा रहा है. राज्य में स्लॉटर हाउस पर हाईकोर्ट के आदेश का पालन न करने पर आज हाईकोर्ट ने सचिव शहरी विकास, डीएम नैनीताल, ईओ नगर पालिका नैनीताल और रामनगर, नगर आयुक्त हल्द्वानी पर चार्ज फ्रेम कर दिया है. कोर्ट ने सभी अधिकारियों को तीन हफ्तों के भीतर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है.
बरेली, नोएडा से ला रहे हैं मीट
बता दें मीट कारोबारियों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा कि साल 2010 में हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि नए मानकों के अनुरुप स्लॉटर हाउस बनाए जाएं जिसका पालन सरकार ने 2014 बीत जाने के बाद भी पूरा नहीं किया था.
इसके बाद हाईकोर्ट ने अवैध स्लॉटर हाउसों को 72 घंटे में बंद करने के आदेश के बाद राज्य में सभी मीट की दुकानें बंद हो गई थीं. इस मामले पर सुनवाकरते हुए कोर्ट ने आज पूछा जब स्लॉटर हाउस ही बंद हैं तो दुकानों और रेस्तरॉं, होटलों में मीट कहां से आ रहा है? इस पर सरकार ने कह दिया बरेली और नोएडा से लाकर बेच रहे हैं.
पूरे राज्य को शाकाहारी बना दें
कोर्ट सरकार के जवाब से आज भी संतुष्ट नहीं रही. हाईकोर्ट ने उक्त अधिकारियों को शपथ पत्र दाखिल करने को कहा था. आज दाखिल शपथ पत्र पर नाराज़गी जताते हुए कोर्ट ने आज अवमानना की कार्रवाई शुरु कर दी है.
अधिकारियों के रुख से नाराज़ चीफ जस्टिस की बेंच ने सुनवाई के दौरान टिप्पणी की, “क्यों न पूरे राज्य को आप शाकाहारी बना दें.”