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CM पुष्कर:BJP के राष्ट्रीय GS संग शुक्रवार को दिल्ली में अहम मुलाकात,,,,

CM पुष्कर सिंह धामी NITI आयोग की शनिवार को होने वाली अहम बैठक में PM नरेंद्र मोदी के एजेंडा-विकसित भारत@2047 को मजबूती प्रदान करने में हाथ बंटाने के साथ ही विकसित उत्तराखंड के लिए भी केंद्र से हर मुमकिन मदद-सहयोग हासिल करने की तमाम कोशिशें करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे.मोदी के Blue Eyed Man होने के चलते उनको अपनी कोशिशों में बड़ी कामयाबी मिलती है तो ताज्जुब नहीं होगा.वह केदारनाथ विधानसभा By-Election के बाबत भी मंथन और चर्चा के लिए मोदी से किसी तरह कुछ वक्त लेने का प्रयास कर सकते हैं.इतना तय है कि बद्रीनाथ उप-चुनाव में झटका खाने के बाद पार्टी आला कमान PSD पर ही केदारनाथ उप-चुनाव का दारोमदार छोड़ देगी.प्रत्याशी चयन में CM पुष्कर का ही Upper Hand रहना तय है.

मुख्यमंत्री NITI आयोग की बैठक में शरीक होने आज दिल्ली पहुंचे.प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में विकसित भारत मुख्य एजेंडा है.इस बैठक का एक बड़ा फायदा मुख्यमंत्रियों को ये होता है कि वे PM से मिल सकते हैं.उनसे अपने एजेंडा और विचार पर विमर्श कर सकते हैं.पुष्कर को भले मोदी से मिलने में कोई दिक्कत नहीं होती लेकिन बाकी मुख्यमंत्रियों के लिए PM का वक्त ले के मिलना उतना सुलभ नहीं होता है.

नीति आयोग की बैठक में और उसके बाद भी मुख्यमंत्रियों के पास मोदी से मिल के अपनी बातों और विचारों को प्रभावशाली ढंग से रख के अपने राज्य के विकास से जुड़ी योजनाओं के बाबत उनको प्रभावित करने का सुनहरा मौका रहेगा.CM पुष्कर की कोशिश रहेगी कि प्रधानमंत्री से दो मुद्दों पर चर्चा और विमर्श का मौका मिल जाए.उत्तराखंड को तेजी से विकसित राज्य बनाने के लिए केंद्र की हर किस्म की मदद हासिल करना और केदारनाथ By-Election के लिए प्रत्याशी चयन पर चर्चा करना.

कहने को भले केदारनाथ विधानसभा उप चुनाव PM के स्तर का नहीं है लेकिन मोदी की बहुत बड़ी आस्था केदारनाथ धाम से जुड़ी होने के चलते इस सीट के लिए BJP और मुख्यमंत्री हर किस्म का जोर और ताकत लगाने में कोई कमी नहीं छोड़ेंगे.बद्रीनाथ सीट पर उप चुनाव में प्रत्याशी के चयन को ले के आजादी या विकल्प न होना, हार की वजह रही. केदारनाथ उप-चुनाव में विकल्प के सभी रास्ते पुष्कर-BJP के सामने खुले हुए हैं.इसमें कोई शक नहीं कि यहाँ प्रत्याशी वही होगा, जिसको PSD चाहेंगे.दूध का जला BJP आला कमान छाछ फूंक-फूंक के पिएगा.ये तय है.

उत्तराखंड को पुष्कर के CM होने और उनके PM-HM अमित शाह संग बेहद आत्मीयता और करीबी के साथ ही तमाम बड़े और राष्ट्रीय स्तर के फैसले ले के उनको कामयाबी के साथ अमल में लाने का फायदा खूब मिलता रहा है.इस बार दिल्ली दौरे में पुष्कर उत्तराखंड के विकास और विकसित उत्तराखंड की सोच को साकार करने के लिए अधिक से अधिक मंजूरियां केंद्र से लेने की कोशिश कर सकते हैं.वह आज दिल्ली में BJP के राष्ट्रीय महासचिव और उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत गौतम से प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और महामंत्री (संगठन) अजेय कुमार संग मिले.

सूत्रों के मुताबिक केदारनाथ विधानसभा उप-चुनाव को ले के उनमें विमर्श हुआ.बद्रीनाथ उप-चुनाव सरीखी मजबूरी वाली स्थिति प्रत्याशी को ले के न होने के चलते मुख्यमंत्री और पार्टी के पास बेहतर और पसंद के प्रत्याशी चयन की आजादी है.पुष्कर ठोंक-बजा के केदारनाथ के Assembly By-Election के समर को फतह करने के लिए प्रत्याशी का चेहरा तय करेंगे.बद्रीनाथ उप-चुनाव में राजेंद्र भंडारी बतौर प्रत्याशी पहले तय थे.पार्टी कार्यकर्ताओं में उनको ले के असंतोष था और अवाम में नाराजगी.दोनों पहलू भारी पड़े और बीजेपी को ये मोर्चा खोना पड़ा.