भीमताल के ओखलकांडा के पतलोट मोटर मार्ग पर अनरबन के पास हुए सड़क हादसे में मारे गए छह लोगों के शवों का बृहस्पतिवार को तुषराड़ घाट पर एक साथ अंतिम संस्कार किया। इनमें एक ही परिवार के तीन लोगों समेत छह चिताएं जलने पर वहां मौजूद सैकड़ों लोगों की आंखें नम हो गईं। वहीं इस हादसे में सातवें मृतक सहायक अध्यापक का शव उनके परिजन काशीपुर ले गए, वहीं उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
ओखलकांडा के पतलोट मोटर मार्ग पर अनबरन के पास बुधवार शाम करीब 6:30 बजे हल्द्वानी से पुटपुड़ी जा रही एक मैक्स अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई थी। हादसे में वाहन चालक, दंपती और उनकी बेटी समेत सात लोगों की मौत हो गई थी। साथ ही सात लोग घायल हो गए थे। घायलों को हल्द्वानी सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां उनका उपचार चल रहा है। हादसे में मारे गए सभी लोगों के शवों का पोस्टमार्टम बुधवार देर रात पतलोट में हुआ था।
बृहस्पतिवार को मृतक भद्रकोट निवासी दपंती महेश चंद्र परगांई (36), उनकी पत्नी पार्वती देवी (33) और उनकी बेटी कविता (13) के शव को मुखाग्नि महेश के छोट भाई मोहित परगांई ने दी। वाहन चालक भुवन चंद्र भट्ट (35) निवासी पुटपुड़ी के शव को मुखाग्नि उनके बेटे रवि भट्ट ने दी। ममता भट्ट (19) निवासी पुटपुड़ी के शव को मुखाग्नि उसके भाई नीरज भट्ट और दीपक भट्ट ने दी। वहीं उमेश परगांई (38) को मुखाग्नि उनके भाई हेम परगांई ने दी। तुषार घाट पर एक साथ छह लोगों का अंतिम संस्कार होने पर आसपास के गांव के सैकड़ों लोग पहुंचे थे। वहीं हादसे के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। अंतिम संस्कार के दौरान विधायक राम सिंह कैड़ा, पूर्व विधायक दान सिंह भंडारी, हरीश पनेरू, मदन परगांई, रवि गोस्वामी, भुवन भट्ट, खीमेश जोशी, रवि आदि मौजूद रहे।
इधर हादसे में मारे गए सहायक अध्यापक महेश चंद्र रेखाड़ी (43) निवासी घोड़िया हल्सों बेतालघाट का शव परिजन अपने साथ काशीपुर ले गए। उनका परिवार वर्तमान में काशीपुर में ही रहता है इसलिए उनका अंतिम संस्कार वहीं किया गया। हादसे में एक ही परिवार के महेश परगांई, उनकी पत्नी पार्वती देवी और उनकी बेटी कविता परगांई की मौत से परिजन सदमे में हैं। महेश के तीनों बेटे पंकज परगांई, लक्की परगांई और मनोज परगांई का हल्द्वानी सुशीला तिवारी अस्पताल में उपचार चल रहा है। वहीं कमला देवी, खष्टी दत्त, किशन चंद्र और ललित मोहन भी हल्द्वानी एसटीएच में भर्ती हैं।