नई दिल्ली: दो अक्टूबर से शुरू हो रही भारत और दक्षिण अफ्रीका (India vs South Africa) के बीच तीन मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए टीम इंडिया के सामने एक अहम सवाल है. टीम इंडिया के लिए एक बड़ा मुद्दा विकेटकीपर के चयन का भी है. टेस्ट टीम में वैसे तो एक बार फिर ऋषभ पंत (Rishabh Pant) और ऋद्धिमान साहा (Wriddhiman Saha) दोनों को चुना गया है, लेकिन प्लेइंग इलेवन में दोनों में से एक ही को जगह दी जा सकेगी. ऐसे में विराट के लिए दोनों में एक को चुनना इस बार आसान नहीं होगा.
पंत पर जताया जा रहा था भरोसा
टीम मैनेजमेंट ने ऋषभ पंत पर काफी भरोसा जताया है लेकिन पिछले कुछ समय से पंत अपेक्षानुरूप प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं. वेस्टइंडीज में पंत को साहा की जगह तरजीह दी जा चुकी है. पंत को बतौर विकेटकीपर अभी काफी परिपक्व होने की जरूरत है. दूसरी ओर कई पूर्व क्रिकेटर्स का मानना है कि साहा बहुत बेहतर विकेटकीपर हैं और उनकी बल्लेबाज से भी काफी उम्मीद की जा सकती हैं.
पंत ने जगाई थीं उम्मीदें लेकिन
करीब एक साल पहले चोटिल ऋद्धिमान साहा की जगह लेने वाले ऋषभ पंत ने काफी उम्मीदें जगाई थीं. उन्होंने इंग्लैंड में अपने टेस्ट करियर का शानदार आगाज किया था और इंग्लैंड में शतक लगाने वाले पहले भारतीय विकेट कीपर बनने का गौरव भी हासिल किया था. इसके बाद पंत ने वेस्टइंडीज के भारत दौरे में भी शानदार बल्लेबाजी जारी रखी थी. इसके बाद पंत प्रभावित करने में नाकाम रहे और अपना विकेट सस्ते में गंवाने के लिए मशहूर होते गए.
पंत को कोच का समर्थन
अब जब छोटे फॉर्मेट में पंत के बुरे फॉर्म की आलोचना हो रही है, टीम इंडिया के कोच रवि शास्त्री ने इशारा किया है कि पंत को और समय तक आजमाया जा सकता है. लेकिन शास्त्री ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि ऐसा टेस्ट क्रिेकेट पर भी लागू होगा कि नहीं. शास्त्री कह चुके हैं कि वे पंत को समर्थन देंगे. वे पंत को एक विस्फोटक बल्लेबाज मानते हैं.
तो फिर साहा का क्या
ऋद्धिमान साहा ने पिछला टेस्ट दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जनवरी 2018 को खेला था जहां वे चोटिल हो गए थे और उसके बाद आईपीएल के दौरान उनकी चोट गहरी हो गई थी जिससे वे इंग्लैंड दौरे पर नहीं जा सके थे. इसके बाद से वे टीम इंडिया में नहीं थे, लेकिन अब फिट होकर वापसी को तैयार हैं. विकेटकीपिंग क्षमताओं में वे पंत से बेहतर माने जाते हैं. 32 टेस्ट में साहा ने 75 कैच लेकर 10 स्टंपिंग की हैं. वे 46 पारियों में 1164 रन भी बना चुके हैं.
तो क्या चुनेंगे विराट
विराट को जो भी फैसला होगा वह दूरगामी होगा इतना तय है. पंत में क्षमता है तो साहा भी नजरअंदाज किए जाने वालों में से नहीं हैं. साहा के खिलाफ केवल उम्र जा सकती है. साहा इस समय 34 साल के हो चुके हैं, लेकिन पंत में निरंतरता और गंभीरता की कमी टीम इंडिया की उनको लेकर योजना बदलने पर मजबूर कर सकती है.