सावनी बादल की तरह उमड़-घुमड़ के 4 धाम यात्रा पर सुनामी की तरह पहुँच रहे श्रद्धालुओं के अप्रत्याशित सैलाबनुमा तादाद से व्यवस्थाओं में दरारें आने की आशंका को टालने आज CM पुष्कर सिंह धामी अपने आधे से अधिक सियासी कार्यक्रम बतौर Star प्रचारक पूरा न कर के अचानक उत्तराखंड लौट आए.आते ही उन्होंने सचिवालय में आला अफसरों को बुला के सख्ती से कसा और हिदायत दी कि वे Ground Zero (मौके पर) पहुँच के व्यवस्थाओं को नियंत्रित कर श्रद्धालुओं को किसी भी किस्म की छोटी से ले के बड़ी दिक्कत न होने दें.उन्होंने कहा कि बद्रीनाथ-केदारनाथ-गंगोत्री-यमुनोत्री धाम के दर्शन के ले आ रहे लोगों की यात्रा सुगम-व्यवस्थित और सुरक्षित बनाना सरकार का फर्ज है.इसमें कोई कोर-कसर बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

4 धाम यात्रा बंदोबस्त की कमान सँभालते हुए CM पुष्कर सिंह धामी ने आज आला अफसरों की बैठक में बेहद सख्त तेवर दिखाए
अम्बाला में BJP प्रत्याशी बन्तो कटारिया के लिए प्रचार करने और Press Conference के बाद मुख्यमंत्री को दिल्ली में बांसुरी स्वराज के प्रचार में भी पहुंचना था.उन्होंने High Command से गुजारिश कर सियासी जिम्मेदारी से छुट्टी ले के फिलहाल,उत्तराखंड का रुख करने को तवज्जो दी.4 धाम यात्रा को ले के देश-दुनिया के श्रद्धालुओं में इस बार अजब ही उत्साह का आलम है.इसके चलते सरकार की हर व्यवस्था नाकाफी साबित होने लग रही है.व्यस्तता के बावजूद मुख्यमंत्री लगातार राज्य के बाहर से व्यवस्थाओं पर नजर रख रहे थे और जरूरी निर्देश वक्त-वक्त पर दे रहे थे.
तमाम कोशिशें और बंदोबस्तों के बावजूद श्रद्धालुओं का महासागर न थमता और लोगों को परेशानी होते देख CM ने राज्य लौटने का फैसला किया.लोकसभा चुनाव के अहम दौर में उनका व्यवस्थाओं की लगाम खुद थामने के लिए देहरादून आ जाना बहुत बड़ा कदम है.वह आते ही System की Driving Seat पर बैठ गए.नौकरशाहों को कसने और जरूरी हिदायतें देने के साथ ही उन्होंने तीर्थयात्रियों से अपील की कि चार धाम जरूर आएं, लेकिन रजिस्ट्रेशन कराना न भूलें.सरकार की व्यवस्था-सुरक्षा सम्बन्धी Advisory का सख्ती से पालन करें।
पुष्कर ने जोशीमठ संकट (जमीन धंसाव)- सिलक्यारा Tunnel हादसा और जंगल की आग मामले में भी व्यवस्थाओं की लगाम खुद थाम ली थी.वह नौकरशाहों के भरोसे कम ही रहते हैं.इस बार चार धाम यात्रा के लिए रिकॉर्ड संख्या में तीर्थयात्रियों के पंजीकरण से सरकार के सामने अकूत दबाव को व्यवस्थित करने की कड़ी चुनौती मुख्यमंत्री के सामने है। सरकार ने यात्रा से पहले से तैयारी की हुई थी.जो भीड़ की शक्ल में आ रहे श्रद्धालुओं ने हिला डाली.पुष्कर यात्रा के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर बतौर Star प्रचारक BJP के लिए जनसभा-रोड शो-प्रचार कर रहे थे.खास पहलू ये है कि अभी तक चारों धाम पंजीकरण की संख्या 30 लाख के करीब पहुंच चुकी है.धामों में क्षमता से ज्यादा आवा-जाही श्रद्धालुओं की दिख रही है।
CM PSD ने आज पुलिस और प्रशासन के Senior Officers की बैठक लेने के दौरान बताया कि आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या में और इजाफा होगा.देशभर में हुए राजनीतिक कार्यक्रमों के दौरान उन्होंने सभी को देवभूमि दर्शन को आने का न्योता दिया है.अलबत्ता, उनको सरकार की एडवाजरी (पंजीकरण, बुकिंग, मौसम, मेडिकल चेकअप और धामों में दबाव) का सख्ती से पालन करने के लिए भी कहा है।
उन्होंने कहा कि Advisory के अनुपालन से श्रद्धालु धामों में सुरक्षित और सुव्यवस्थित दर्शन कर पाएंगे.किसी तरह की अव्यवस्था भी नहीं होगी।बैठक में CS राधा रतूड़ी-DGP अभिनव कुमार-प्रमुख सचिव (CMO) RK सुधांशु-सचिव R मीनाक्षी सुन्दरम-शैलेश बगौली-अरविन्द सिंह हयांकी-सचिन कुर्वे-पंकज पांडे-गढ़वाल के आयुक्त विनय शंकर पांडे-DG (Info) बंशीधर तिवारी मौजूद थे.