BJP आला कमान ने अपने दोनों Sitting MP अजय भट्ट (नैनीताल सीट) और अजय टम्टा (Reserve सीट अल्मोड़ा-पिथौरागढ़) के साथ ही टिहरी सीट पर भी लगातार MP और महारानी माला राज्यलक्ष्मी को फिर टिकट दे के उनको लोकसभा चुनाव के महासमर में उतार दिया.पौड़ी सीट पर पूर्व CM त्रिवेन्द्र सिंह रावत और अनिल बलूनी ने अपनी दावेदारी को मजबूती से पेश कर मौजूदा MP और दो पूर्व CMs तीरथ सिंह रावत तथा डॉ रमेश पोखरियाल निशंक के टिकट को खतरे में डाल दिया है.ये भी जिक्र करना गलत न होगा कि

अब CM पुष्कर सिंह धामी की भी राय और पसंद को देख के High Command उलझी सीटों पर चेहरों का खुलासा करेगा.
केन्द्रीय राज्य मंत्री अजय भट्ट को जिन चेहरों से पार्टी के भीतर टिकट के लिए चुनौती दी जा रही थी, वे सभी फुस्स साबित हुए.ये पटाखा भी फुसफुसा साबित हुआ कि नैनीताल सीट से CM पुष्कर सिंह धामी को उतारा जा सकता है.ऐसी कोरी गप्पबाजी करने और अफवाह फैलाने वाले भी पार्टी के भी कुछ बड़े और नामी चेहरे थे.जिनकी नजरें असल में मुख्यमंत्री की कुर्सी पर टिकी हुई हैं.अपनी हसरतें और ख्वाहिशें पूरी न होने पर वे बेसिरपैर की हवाबाजी पर उतर आए.भट्ट को टिकट मिलने से उनको अब निराशा हाथ लगी है.

टम्टा को पुष्कर सरकार में मंत्री रेखा आर्य लगातार टिकट की लड़ाई में टक्कर देने की कोशिश कर रही थी.टम्टा का केन्द्रीय सियासत का अनुभव बहुत भारी साबित हुआ.वह फिर टिकट ले उड़े.महारानी से BJP के ही तमाम लोग नाखुश हैं.फिर भी उनका टिकट काटने में आला कमान एक बार फिर हौसला-हिम्मत नहीं दिखा पाया.इसकी दो वजह मानी जाती है.एक-BJP में राजा-रजवाड़ों की लॉबी बहुत मजबूत है.आला कमान भी उसको तवज्जो देता रहा है.दो-टिहरी में राज परिवार से कोई भी चुनाव में लड़े, लाख से कुछ हजार कम वोट तो उसके खाते में बोलेंदू बद्री (भगवान) मान के यूं ही आ जाते हैं.
दोनों CMs तीरथ (पौड़ी) और डॉ निशंक (हरिद्वार) की साँसे बलूनी और त्रिवेंद्र ने अटका दी है.दोनों का दावा दोनों सीटों पर है.अलबत्ता, दोनों की पहली पसंद पौड़ी सीट है.इसी लिए दोनों सीटें PM नरेन्द्र मोदी ने Hold पर डाल दी है.तीरथ का दावा कहीं से कमजोर नहीं है.बस चुनौतिबाजों ने उनकी गले में फांस डाल दी है.युवा दावेदार दीप्त्ती रावत बिल्लियों की लड़ाई में रोटी की तरह यहाँ टिकट ले जाए तो हैरानी नहीं होगी.
आला कमान ने हरिद्वार सीट पर भी प्रत्याशी का ऐलान न कर के निशंक का खून सुखा सा दिया है.ये सम्भावना भी मजबूत है कि पौड़ी में तीरथ या दीप्ती या फिर त्रिवेंद्र-बलूनी में से किसी को भी टिकट देना पड़ता है तो फिर त्रिवेंद्र-बलूनी में से किसी एक को गंगा नगरी वाली सीट पर उतारना पड़ सकता है.पार्टी हरिद्वार सीट पर नया चेहरा लाने की सोच रही है.ऐसा माना जा रहा है.पौड़ी वाले हरिद्वार आ गए तो स्वामी यतीश्वरानंद-मदन कौशिक निशंक से कम निराश नहीं होंगे.