CM पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री प्रल्हाद जोशी से अनुरोध किया कि उत्तराखण्ड को लगभग 125 मिलियन टन भण्डारण क्षमता की एक कोल ब्लॉक प्राथमिकता पर आवंटित की जाए जिससे कम से कम 1000 MW का पिट-हेड थर्मल पावर प्लांट स्थापित किया जा सके.सम्भावना जताई जा रही है कि मुख्यमंत्री की PM नरेंद्र मोदी और HM अमित शाह से भी मुलाकात हो सकती है.
केन्द्रीय मंत्री जोशी से मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुकूल औद्योगिक नीति के कारण राज्य में द्रुत गति से औद्योगिक विकास हुआ है.इसके साथ ही बिजली की मांग भी लगातार बढ़ती जा रही है. सर्दियों में बिजली की कमी गंभीर रूप अख्तियार कर लेती है.ठंडे तापमान के कारण नदियों में पानी का बहाव कम हो जाना इसकी प्रमुख वजह है।
CM ने कहा कि राज्य में बिजली की मांग सालाना लगभग 4 से 5 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है. लीन सीजन की अवधि में लगभग 4 से 5 मिलियन यूनिट की कमी औसत रूप से होती है। Investors Summit के नतीजे के चलते राज्य में औद्यौगिकीरण बढ़ेगा.इससे आने वाले सालों में बिजली की खपत और बढ़ने की की सम्भावना है।
उन्होंने कहा कि ऊर्जा मंत्रालय की सिफारिश के दृष्टिगत राज्य में विद्युत परियोजनाओं के तेज गति से विकास के लिए UJVNL (राज्य सरकार का उपक्रम) और THDC India Ltd के मध्य एक संयुक्त उपक्रम (टीएचडीसीआईएल-यूजेवीएनएल एनर्जी कम्पनी लि0) का गठन किया गया है। THDC की तापीय विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में भी अनुभव को ध्यान में रखते हुए राज्य की विद्युत मांग की आपूर्ति के लिए इस नए संयुक्त उपक्रम के माध्यम से एक पिट-हेड थर्मल पावर प्लांट स्थापित किया जाना प्रस्तावित है।
CM पुष्कर ने मुद्दा उठाया कि उत्तराखण्ड उन कुछ राज्य में से एक है जहां कोई भी थर्मल पावर स्टेशन नहीं है। केंद्रीय मंत्री ने उनसे हर मुमकिन मदद का वादा किया.दिल्ली में मुख्यमंत्री पुष्कर की प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की उम्मीद जताई जा रही है.ऐसा होता है तो राज्य से जुड़े कुछ बेहद अहम मुद्दे और लोकसभा चुनाव के मद्देनजर चुनावी रणनीति और प्रत्याशियों को ले के मंथन संभव है.