अपनी ही सरकार के वन मंत्री सुबोध उनियाल के खिलाफ भाजपा विधायक दुर्गेश्वर लाल का धरना देना भाजपा प्रदेश नेतृत्व को नहीं सुहाया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने भाजपा विधायक और वन मंत्री को शालीनता से अपनी बात रखने की हिदायत दी है। उन्होंने दोनों नेताओं से फोन पर बातचीत में ताकीद किया कि उन्हें ऐसे किसी भी विवादित आचरण से बचना चाहिए, जो मीडिया की सुर्खी बनें और विपक्ष को बेजां सवाल उठाने का बहाना मिल जाए। प्रदेश अध्यक्ष ने विधायक को तलब कर लिया है। इस बीच मुख्यमंत्री धामी तक विवाद पहुंच गया है। सूत्रों के मुताबिक, सीएम ने पार्टी के दोनों नेताओं को विवाद से बचने की सलाह दी।
यदि समस्या का कोई समाधान नहीं हो रहा है तो उसे पार्टी फोरम पर रखा जा सकता है। संगठन अनुशासन को तोड़ने की इजाजत किसी को नहीं दे सकता है, चाहे वह विधायक हों या मंत्री। दोनों नेताओं को हिदायत दे दी गई है कि इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए। बकौल भट्ट, मैंने पार्टी विधायक को बुधवार को बुलाया है। उनका पक्ष सुना जाएगा और समाधान निकाला जाएगा।
सीएम से लिपट कर रो पड़े भाजपा विधायक
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पास जब पुरोला के भाजपा विधायक दुर्गेश्वर लाल मिलने पहुंचे तो वह बेहद भावुक हो गए। वह सीएम से लिपटकर फफक-फफक रो पड़े। सीएम उन्हें बड़ी मुश्किल से संभाला और ढाढस बंधाया। उन्होंने विधायक को आश्वस्त किया कि उनकी समस्या का समाधान किया जाएगा। सीएम ने कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल से भी फोन पर बात की।