सरकार ने समय रहते कदम नहीं उठाए तो इस साल भी बदहाल सड़कें चारधाम यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बनेंगी। सरकार हर बार मानसून के बाद और यात्रा शुरू होने से पहले सड़कों की मरम्मत का दावा तो करती है लेकिन यह दावे पूरे नहीं होते।
ऋषिकेश बदरीनाथ राजमार्ग श्रीनगर से रुद्रप्रयाग के बीच जगहों पर हाईवे बेहद खराब स्थिति में है। चमधार और सिरोहबगड़ में भूस्खलन जोन मुसीबत का कारण बने हुए हैं। यहां कब पहाड़ी से पत्थर बरसने लगें, कहा नहीं जा सकता। सिरोहबगड़ से नौगांव तक सात किमी हाईवे पर गड्ढों की भरमार है।
इससे निजात पाने के लिए पपडासू बाईपास का निर्माण किया जा रहा है। हालांकि, पांच वर्ष बाद भी ढाई किमी सड़क और पुल नहीं बन पाए हैं। दूसरी ओर, रेलवे परियोजना से नारकोटा में भी सड़क की हालत खराब हो चुकी है। गौरीकुंड, यमुनोत्री और गंगोत्री हाईवे भी फिलहाल अच्छी स्थिति में नहीं है।