सड़कों, पुलों और भवनों के निर्माण कार्यों और कल्याणकारी योजनाओं के संचालन के लिए प्रदेश सरकार अपनी आय में बढ़ोतरी करने पर जोर दे रही है, लेकिन जिन विभागों के जरिये वह अपनी आय बढ़ाने की सोच रही है, उनकी प्रगति अभी ढीली है।
अपर मुख्य सचिव (वित्त) आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में आय बढ़ाने के लिए विभागों के साथ हुई समीक्षा बैठकों में यह तथ्य सामने आया है। आबकारी, खनन, वन, स्टांप और ऊर्जा क्षेत्र से सरकार खुद की आय बढ़ाने पर जोर दे रही है। सरकार की कोशिश है कि राज्य की जनता पर दबाव डाले बगैर राजस्व बढ़ाने के उपाय खोजे जाएं। सरकार आय बढ़ाकर उन्हें विकास कार्यों और कल्याणकारी योजनाओं पर खर्च करना चाहती है।
लेकिन वन महकमे और ऊर्जा विभाग की अभी तक की प्रगति से उसे चिंता है। वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए वन विभाग को 1400 करोड़ का राजस्व प्राप्त करना है, लेकिन अभी तक वह सिर्फ 328 करोड़ रुपये कमा पाई है। महकमे को आय बढ़ाने के लिए नीति और नियमों में सुधार करने को कहा गया है।
विभाग की दूसरी चिंता यूपीसीएल के बिलों का उपभोक्ताओं पर सैकड़ों करोड़ की बकाया राशि है। उपभोक्ताओं के पास करीब 3500 करोड़ रुपये की रकम फंसी है। सरकार की ओर से यूपीसीएल को इस राशि की वसूली के लिए हर संभव प्रयास करने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन इसमें कोई खास प्रगति नहीं हो रही है।