देहरादून/उत्तराखण्ड: 17 Sep. 2022, बारिश के दौरान लखनऊ और उन्नाव में जर्जर इमारतों के गिरने से 12 लोगों की मौत हो गई। आगरा में भी लखनऊ से ज्यादा 156 जर्जर इमारतें हैं, जिसे नगर निगम ने कंडम घोषित कर रखा है। श्रीराम बरात से पहले निगम ने इनकी सूची सार्वजनिक की है। इन्हें गिराने की कार्रवाई पुलिस और प्रशासन को करनी है। यह सभी जर्जर इमारतें पुराने शहर में हैं, जहां एक-एक इमारत में 40 से 100 तक दुकानें या गोदाम बनाकर कारोबार हो रहा है। हमेशा हादसे की संभावना बनी रहती है।
मुगलिया राजधानी रहे आगरा में 400 साल से ज्यादा पुरानी करीब 80 इमारतें हैं। वहीं निगम के सर्वे में 156 जर्जर भवन सामने आए हैं, जो क भी भी गिर सकते हैं। दो दिन की बारिश में इन इमारतों के गिरने का खतरा बढ़ गया है। नगर निगम से गिरासू घोषित होने के बाद भी जर्जर भवनों में लोग रह रहे हैं और कारोबार कर रहे हैं। इन्हें हर बार बारिश से पहले नोटिस जारी किया जाता है।