हरिद्वार जिले में चल रहे त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बहाने भाजपा 2024 के लोकसभा चुनाव की रणनीति को भी धार दे रही है। जिले में पार्टी अपने कमजोर किले को मजबूत करने के लिए विपक्षी दलों में सेंधमारी की कोशिश में है। अभी तक पार्टी जिले की सियासत में खास रसूख रखने वाले दो बड़े नेताओं को अपने पाले में लाने में कामयाब भी रही।
सियासी जानकारों का मानना है कि मौजूदा राजनीतिक स्थितियों में हरिद्वार पंचायत चुनाव भाजपा के लिए नाक का सवाल बन गया है। खासतौर पर जिला पंचायत का चुनाव, जिसमें जीत दर्ज करने के लिए पार्टी हर सियासी दांव चल रही है। प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा को इस बात की कसक है कि वह हरिद्वार जिला पंचायत पर अब तक भगवा बुलंद नहीं कर पाई है।
इस बार वह जिला पंचायत पर कब्जा जमाकर एक साथ कई संदेश देना चाहती है। उसका इरादा 2022 के विधानसभा चुनाव की हार का हिसाब बराबर करने का है। ऐसा करके वह 2024 के लोकसभा चुनाव की राह को आसान बनाना चाहती है। इसके लिए उसने सबसे अधिक काम सोशल इंजीनियरिंग पर किया है।