देहरादून के सरखेत में आई आपदा के दौरान एक फोन कॉल ने करीब 12 परिवारों के 60 से अधिक लोगों की जिंदगी बचाई। दरअसल, सरखेत से आधा किलोमीटर ऊपर कालसू में बसे परिवारों ने कोखाला नाले के रोद्र रूप को पहले ही भांप लिया था। जिस पर उन्होंने सरखेत के प्रधान और अन्य लोगों को फोन कर आगाह किया। जिससे कई परिवार पहले ही सुरक्षित स्थानों पर पहुंच गए और उनकी जान बच गई।
सरखेत निवासी मनोज पंवार ने बताया कि फोन आते ही उन्होंने अपने कमरे की खिड़की से बाहर देखा तो वह सहम गए। इसके बाद उन्होंने परिवार के लोगों को जगा कर किसी तरह से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। बताया कि कुछ ही देर में उनके मकान का निचला हिस्सा, प्राइमरी स्कूल, पंचायत घर, उनकी छानी मलबे में तब्दील हो गए।
बताया कि जिस समय यह जलजला आया उस वक्त सभी सो रहे थे। अगर फोन नहीं आता तो शायद ही कोई बच पाता। उन्होंने इसके लिए कालसू के करन सिंह रावत, बसंत रावत, मंगल रावत के परिवार का आभार प्रकट किया।