मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में श्वेत क्रांति को बढ़ावा देने के लिए सरकार दुग्ध उत्पादकों का हरसंभव सहयोग कर रही है। दूध का उत्पादन बढ़ाने के लिए दुग्ध उत्पादकों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने दुग्ध मूल्य प्रोत्साहन योजना के तहत डीबीटी के माध्यम से राज्य के 600 दुग्ध उत्पादकों के खातों में धनराशि भेजी। उन्होंने राज्य के सर्वश्रेष्ठ 26 दुग्ध उत्पादकों को चेक वितरित करने के साथ ही तिरंगा भेंटकर सम्मानित भी किया।
शुक्रवार को रुद्रपुर के जवाहर नवोदय स्कूल के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि देश में आजादी के बाद श्वेत क्रांति का इतिहास शानदार रहा है। भारत विश्व में सबसे अधिक दूध उत्पादन करने वाले देशों में शामिल है। उत्तराखंड में दुग्ध उत्पादकों के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है। उत्तराखंड के 13 जिलों की 4350 दुग्ध समितियों के माध्यम से प्रतिदिन औसतन 1,93,709 लीटर दूध की बिक्री हो रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई के लिए पानी की कमी के कारण किसानों को काफी दिक्कतें हो रही हैं। खासकर पर्वतीय क्षेत्रों के ग्रामीण क्षेत्रों में यह समस्या अधिक है। इसे देखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिकी की मजबूती के लिए कृषि, उद्यान व सिंचाई विभाग की योजनाओं को एक साथ मिलकर तैयार किया जाएगा। यदि सिंचाई विभाग अपनी कोई योजना तैयार करेगा तो इस संबंध में कृषि विभाग से अनुमति ली जाएगी। इससे कृषि उत्पादन में क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा।