अर्द्ध कुंभ में विस्फोट की योजना बनाने के मामले में कोर्ट की ओर से सात साल की सजा सुनाए पर मोहम्मद मेराज के परिजन असंतुष्ट दिखे। उन्होंने आरोप लगाया कि एनआईए की ओर से बेटे पर जबरन दबाव बनाया गया है। इसके चलते उसने गुनाह स्वीकार किया है। वहीं, मोहम्मद ओसामा के परिजन फैसले से संतुष्ट दिखे और उन्होंने कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है।
हरिद्वार में वर्ष 2016 में आयोजित होने वाले अर्द्ध कुंभ में विस्फोट की योजना बनाने के मामले में एनआईए की टीम ने भगवानपुर चंदनपुर निवासी अखलाकुर उर्फ अखलाक, लंढौरा निवासी मोहम्मद अजीमुशान, मोहम्मद मेराज और जौरासी गांव निवासी मोहम्मद ओसामा उर्फ आदिल समेत पांच को गिरफ्तार किया था। उनके पास से माचिस की तीली के बारूद समेत अन्य संदिग्ध सामान बरामद हुआ था।
एनआईए ने मुकदमा दर्ज कर सभी को तिहाड़ जेल भेज दिया था। तभी से यह मामला दिल्ली पटियाला हाउस स्थित विशेष एनआईए कोर्ट में चल रहा था। कोर्ट ने 22 मई को सभी को दोषी ठहराते हुए सात-सात साल की सजा सुनाई है जबकि चार दोषियों पर 24-24 हजार और एक पर 18 हजार का जुर्माना लगाया है।