CM पुष्कर सिंह धामी की नौकरशाहों वाली टीम तकरीबन बन चुकी है। सत्ता के गलियारों में दिलचस्पी रखने वाले ये जानने को ले के बेहद उत्सुक हैं कि सुपर कैबिनेट या किचन कैबिनेट CMO में किस-किस नए चेहरे की Entry होगी। पुरानों में किसको बेदखल किया जाएगा। 5 साल के CM के साथ उनके निजी दस्ते के कमांडर के तौर पर काम करने के इच्छुक IAS-IPS-IFtS अफ़सरों की लंबी लाइन है। जिन नौकरशाहों को अपने साथ कुछ गड़बड़ होने का खतरा महसूस हो रहा, वे जुगाड़ के जरिये खुद के अस्तित्व को बनाए रखने के लिए आकाश-पाताल एक कर रहे। इस बार अलबत्ता, PSD बेहद पैने और जल्द किसी के चक्करों में न आने वाले नजर आने से अच्छों-अच्छों के पसीने छूट रहे।
जिन नौकरशाहों को ले के संभावनाएं प्रकट की जा रही हैं कि वे मुख्यमंत्री के विश्वासपात्र बन सकते हैं, उनमें R मीनाक्षी सुंदरम-शैलेश बगौली-हरी चंद सेमवाल (तीनों सचिव)-विनोद सुमन-SN पांडे (प्रभारी सचिव)-IPS अभिनव कुमार के नाम लिए जा रहे हैं। शैलेश और अभिनव PSD सरकार-2.O में अपर प्रमुख सचिव के तौर पर काम कर चुके हैं। ACS आनंदबर्द्धन CM सचिवालय के Boss रहेंगे या जाएंगे, इस पर भी कौतुहल दिखता है। मीनाक्षी की प्रतिष्ठा तेज तर्रार और सुलझे हुए नौकरशाह के तौर पर है।
उनको CMO में लाया जाता है तो 2-3 अहम महकमे भी साथ-साथ सौंपे जा सकते हैं। CMO में जो भी आएंगे, उनको CM से जुड़े महकमे भी अलग से दिए जाने पर विचार चल रहा है। अंदर की खबरों पर यकीन किया जाए तो मीनाक्षी-शैलेश-SN और विनोद अभी से CM के अहम फाइलों और टास्क को अघोषित तौर पर तो संभाल चुके हैं। CMO में ऐसे नौकरशाहों को तवज्जो दी जा रही, जो चुनाव के दौरान हवा के साथ बह नहीं गए। CM का भरोसा नहीं खोया।
ऐसा भी मुमकिन है कि 1989 बैच की ही ACS राधा रतूड़ी को गृह और कार्मिक की कमान सौंप दी जाए। उनके नीचे प्रमुख सचिव के तौर पर अभिनव गृह का काम देखें। राधा की Seniority और पति के DGP Post से रिटायर होने के चलते ये सोच उठ रही है। वह CS डॉ. सुखबीर सिंह संधु की बैचमेट (1989) हैं। कैडर परिवर्तन से पहले वह Civil list के मुताबिक डॉ.सुखबीर से ऊपर थीं। अभिनव को प्रमुख सचिव बनाया जा सकता है। इसकी फाइल चल चुकी है।