PSD-2.O सरकार में पहली सुर्खी बनी सहकारिता बैंक भर्ती घोटाले के लिए महकमे के मंत्री धन सिंह रावत को मुख्य आरोपी करार देते हुए Congress ने आज सचिवालय गेट के सामने पूर्व PCC अध्यक्ष गणेश गोदियाल की अगुवाई में धरना दिया। नारेबाजी की। मंत्री को तत्काल बर्खास्त कर जांच की मांग की।

खास बात ये रही कि धरने पर बैठने वालों में नए PCC अध्यक्ष करण माहरा और पूर्व CM हरीश रावत के साथ ही तमाम बड़े दिग्गज शामिल थे। Zero Courruption वाली सरकार चलाने का दावा कर रही पुष्कर और बीजेपी सरकार के लिए सहकारिता भर्ती घोटाला बहुत बड़ा सिर दर्द बन चुका है। इस मामले में सीधे मंत्री को आरोपों के घेरे में लिया जा रहा है। हैरानी इस पर भी जताई जा रही कि जिस महकमे में मंत्री पर दाग लगे, और जांच चल रही, वही महकमा उनको फिर किस दबाव में मुख्यमंत्री ने सौंप दिया।
गणेश गोदियाल ने सुबह धरने पर बैठने के दौरान पत्रकारों से कहा कि पुष्कर और बीजेपी सरकार भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्रवाई और साफ-सुथरी सरकार चलाने का दावा कर रही है। दूसरी ओर ऐसे आरोपी को फिर मंत्री बना दिया गया जिनके पिछले कार्यकाल में ही शर्मनाक सहकारिता भर्ती घोटाला हुआ। करोड़ों रूपये नाजायज ढंग से नियुक्तियाँ कर के कमाए गए। जो चुनाव में भी खुल के इस्तेमाल हुए। बीजेपी ने धन सिंह को मंत्री ही नहीं बनाया बल्कि उनको फिर सहकारिता महकमा सौंप दिया। वह जांच को पूरी तरह प्रभावित करने की हैसियत में हैं। उनको बर्खास्त नहीं किया जाता है तो प्रतिभावान लेकिन घूस न दे सकने वालों के साथ ये अन्याय भी होगा।
करण ने कहा कि गणेश ने जो अभियान भ्रष्टाचार के खिलाफ छेड़ा है, काँग्रेस उसके साथ है। इस मुहिम में पार्टी पूरी शक्ति के साथ बनी रहेगी। आरोपी मंत्री की बर्खास्तगी और उनके खिलाफ जांच होने तक ये आंदोलन जारी रहेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दावा करते हैं कि वह न खाएँगे न खाने देंगे, लेकिन उनके मंत्री और धन सिंह ने सहकारिता भर्ती घोटाले को अंजाम दे के उनकी भी खिल्ली उड़ाई है। उनकी अवमानना की है। ऐसे मंत्री को एक सेकंड के लिए भी कुर्सी पर रहने का अधिकार नहीं है। मुख्यमंत्री पुष्कर उनको कैसे बर्दाश्त कर रहे हैं, ये सोच के हैरानी होती है।