जी-7 देशों के विशेष शिखर सम्मेलन का इस हफ्ते आयोजन यूक्रेन पर रूसी हमले पर विचार-विमर्श के लिए हुआ। इस दौरान इन नेताओं के बीच चर्चा का एक खास मुद्दा दुनिया पर गहरा गया खाद्य संकट था। मीडिया का ज्यादा ध्यान युद्ध संबंधी चर्चाओं पर रहा। लेकिन जी-7 नेताओं ने खाद्य पदार्थों की कमी और महंगाई पर भी अपना काफी ध्यान लगाया। बैठक के दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ‘खाद्य सुरक्षा के लिए पहल’ नाम से अपना एक अलग दस्तावेज पेश किया।
जी-7 देशों के नेताओं अपनी शिखर बैठक के बाद गुरुवार को जो साझा विज्ञप्ति जारी की, उसमें भी संभावित खाद्य संकट का विस्तार से जिक्र हुआ। विज्ञप्ति में कहा गया- ‘अपने पड़ोसी देश पर रूस के हमले से वैश्विक खाद्य सुरक्षा पर दबाव बढ़ गया है।’ जी-7 नेता इस बात पर सहमत हुए कि खाद्य सुरक्षा संबंधी चुनौती का मुकाबला करने के लिए वे अपने पास मौजूद सभी उपायों और धन उपलब्ध कराने का स्रोतों का इस्तेमाल करेंगे।