होली का रंग अभी तन पर घना चढ़ा ही होगा लेकिन उत्तराखंड का CM कौन होगा, और क्या चेहरा होगा, ये साफ हो जाएगा। दुलहंदी के अगले दिन 19 मार्च को विधायक दल की बैठक में नाम का ऐलान हो जाएगा। धमाकेदार और अप्रत्याशित बहुमत के बावजूद BJP आला कमान ने सूबाई सरकार के सुल्तान को ले के रहस्य का पर्दा हैरतनाक अंदाज में मोटा रखा हुआ है। बेशक मौजूदा कार्यवाहक सरदार पुष्कर सिंह धामी के फिर शपथ लेने की संभावना को सबसे अधिक आँका जा रहा है। राज्यसभा MP अनिल बलूनी और पूर्व CM BC खंडूड़ी की बेटी ऋतु भूषण खंडूड़ी को भी दावेदारों में शुमार किया जा रहा है।
10 मार्च को विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आए तो पुष्कर की शिकस्त भी सामने आई। इसने ही सीएम चेहरे को ले के इतनी उथल-पुथल मचाई हुई है। पुष्कर ने मोर्चा मार लिया होता तो सिर्फ उनके शपथ ग्रहण और मंत्रियों के चेहरों को ले के चर्चा भर चलने के बाद सरकार का गठन भी हो चुका होता। PM नरेंद्र मोदी-गृह मंत्री अमित शाह ने पूरे चुनाव अभियान में खुल के पुष्कर के नाम का सहारा सरकार की वापसी की कोशिशों में लिया।
दोनों ने और पार्टी प्रमुख जगत प्रकाश नड्डा और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी पुष्कर को अगला CM पहले ही घोषित कर चुके हैं। पार्टी ने पुष्कर के सहारे बेहद खराब और विपरीत हालात में सत्ता का चप्पू फिर हाथ में थाम के संकट की नदी को शानदार ढंग से पार पाने में सफलता पाई है। पुष्कर ने जब पतवार थामी थी तो पार्टी की नौका डूब ही चुकी थी। पार्टी के भीतर भी कोई नहीं दिखता था जो सरकार बरकरार रखने का झूठा या दिलासा दिला सकने वाला दावा भी कर सके।