सोमवार को देहरादून में हुई केजरीवाल की नवपरिवर्तन रैली की कामयाबी ने उत्तराखंड की सियासत में आम आदमी पार्टी की धमक दिखाने के साथ ही प्रदेश में तीसरे सियासी विकल्प की पटकथा भी लिख दी है।
परेड ग्राउंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के बाद केजरीवाल का भी जलवा दिखा है। चुनाव से ठीक पहले पहली बड़ी रैली में उम्मीदों के अनुरूप उमड़ी भीड़ से आप के नेता भी गदगद नजर आए। मंच से केजरीवाल भी इस बात को कहने से नहीं चूके कि लोगों में क्या जज्बा है।
परेड ग्राउंड में पिछले महीने मोदी, राहुल के बाद सोमवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की रैली में तीसरे विकल्प का दम दिखा। उनके रैली में पहुंचने का कार्यक्रम दो बजे तय था। लेकिन दोपहर 12 बजे तक रैली में भीड़ नहीं जुट पाई थी।
ग्राउंड में लगाई गई कुर्सियां खाली रहने से आप नेताओं माथे पर शिकन दिखाई दी। एक बजे तक रैली स्थल खाली नजर आ रहा था। वहीं, केजरीवाल के मंच पर पहुंचने का समय भी नजदीक आ रहा था, लेकिन केजरीवाल के पहुंचने से एक घंटा पहले ही पार्टी कार्यकर्ता गाजे-बाजे के साथ पहुंचे।
रैली में प्रदेश के अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों से कार्यकर्ता खासा जोश दिखाई दिया। कुछ ही देर में सारी कुर्सियां भर गईं। दोपहर 2.57 बजे केजरीवाल मंच पर पहुंचे। पार्टी कार्यकर्ताओं ने नारे लगा कर उनका अभिवादन किया।