देश और देवभूमि ने आज देश के पहले Chief of Defence Staff जनरल बिपिन चन्द्र रावत को कुन्नूर (तमिलनाडू) में हेलिकॉप्टर हादसे में दुर्भाग्यपूर्ण ढंग से सदा के लिए खो दिया। उनकी पत्नी मधुलिका ने और सेना के कई अन्य अफसरों व जवानों समेत 14 लोगों ने इस हादसे में जान गंवाई। इससे पहले सेना प्रमुख रहते हुए जनरल बिपिन चन्द्र जोशी का निधन 1994 में हुआ था। ये विडम्बना है कि उत्तराखंड से दो बिपिन सेना प्रमुख बने और दोनों की अस्वाभाविक मृत्यु हुई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने CDS बिपिन की आकस्मिक मृत्यु को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। सत्ताधारी बीजेपी और काँग्रेस के नेताओं ने भी उत्तराखंड के इतिहास पुरुष लाल के प्रति श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए श्रद्धांजलि दी। उन्होंने 3 दिन तक (9 से 11 दिसंबर) राज्य में राजकीय शोक घोषित करने के आदेश भी दिए।
दिन तक जैसे ही देश को पता चला कि हेलिकॉप्टर दुर्घटना में सीडीएस जनरल बिपिन, उनकी पत्नी मधुलिका व अन्य अधिकारियों की आकस्मिक मृत्यु हो गई तो चारों तरफ शोक और मातम का आलम नजर आने लगा। उत्तराखंड के लिए तो ये बहुत ही हृदय विदारक खबर थी। शोक और मातम का माहौल चंद पलों में ही छा चुका था। वह देहरादून में छात्र जीवन के दौरान गढ़ी कैंट स्थित Cambrian Hall स्कूल के छात्र रह चुके थे। कुछ साल पहले स्कूल की गोल्डन जुबली समारोह में वह शरीक हुए थे। तब वह सेना प्रमुख थे।
ये दुखद संयोग है कि उत्तराखंड से दो बिपिन सेना प्रमुख बने और दोनों का निधन सेवा के दौरान ही हुआ। जनरल BC Joshi का 1994 में जब 58 साल की उम्र में आकस्मिक निधन हुआ था तो वह सेना प्रमुख बनने वाले राज्य के पहले शख्स थे। बिपिन रावत CDS रैंक हासिल करने वाले देश के पहले जनरल थे। उनकी आयु 63 साल थी।
मुख्यमंत्री ने जरनल रावत को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनको देश की सुरक्षा में महान योगदान देने के लिए सदा ही याद किया जाएगा। देश की सीमाओं की सुरक्षा एवं देश की रक्षा के लिए उनकी तरफ से उठाए गए साहसिक निर्णयों एवं सैन्य बलों के मनोबल को सदैव ऊंचा बनाये रखने में उनके योगदान को देश सदैव याद रखेगा। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक और काँग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के साथ ही दोनों पार्टी के अन्य नेताओं ने भी एक स्वर में जनरल बिपिन के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक प्रकट करते हुए उनको श्रद्धांजलि अर्पित की।