नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष डा फारूक अब्दुल्ला ने कहा हैं कि भारत और पाकिस्तान को जम्मू कश्मीर में शांति के लिए वार्ता करनी चाहिए। धमकियां देने से कुछ हासिल होने वाला नहीं हैं। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के बयान की पाकिस्तान अधिकृत जम्मू कश्मीर को हासिल करना केंद्र सरकार का अगला एजेंडा पर डॉ. फारूक अब्दुल्ला के डिग्याना आश्रम जम्मू में उनके महंत मंजीत सिंह के हालचाल पूछने के लिए पहुंचने के दौरान पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में अब्दुल्ला ने यह जवाब दिया।
चीन ने हमारे क्षेत्र में घुसकर गांव तक स्थापित कर लिए हैं
अब्दुल्ला ने कहा वह बार बार कहते आए हैं कि भारत और पाकिस्तान को जम्मू कश्मीर में शांति के लिए वार्ता करनी चाहिए। उन्होंने कहा जब केंद्र सरकार चीन से वार्ता कर सकती हैं तो पाकिस्तान से वार्ता क्यों नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा चीन ने तो हमारे क्षेत्र में घुसकर गांव तक स्थापित कर लिए हैं। उन्होंने कहा वर्तमान परिदृश्य में न पाकिस्तान हमसे कुछ ले सकता हैं और न हम उससे।
केंद्र सरकार राज्य का दर्जा बहाल करेगी
ऐसे में हमे दोनो तरफ शांति बनाए रखने और सरलता से व्यापार और एक दूसरे क्षेत्र में जाने की दिशा में काम करना चाहिए। इस अवसर पर अब्दुल्ला ने तीन कृषि कानून वापिस लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा का स्वागत किया और आशा प्रकट की कि केंद्र सरकार जम्मू कश्मीर के लोगों के दिल की बात भी सुनेगी और राज्य का दर्जा बहाल करेगी।
आतंकवाद कोई नई बात नहीं
उन्होंने कहा दिल की दूरी और दिल्ली की दूरी को कम करना अगर केंद्र सरकार चाहती हैं तो उसे जम्मू कश्मीर का राज्य का दर्जा के साथ साथ स्वायत्तता को भी वापिस करना चाहिए। कश्मीर में टारगेट किलिंग पर पूछे गए सवाल पर अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू कश्मीर में आतंकवाद कोई नई बात नहीं हैं। जम्मू कश्मीर के लोगों का दिल जीत कर ही सभी मुद्दों का हल हो सकता हैं।