जम्मू में दो पुलिस थाना क्षेत्रों में हुई खूनी झड़प में कई बातें सामने आ रही हैं। पुलिस तीन पहलुओं को लेकर मामले की जांच कर रही हैं। इसमें हेरोइन की तस्करी, जमीन का विवाद और पैसों का लेन देन शामिल है। जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की गई है। मामले की जांच ड्रग्स के साथ जोड़कर भी की जा रही है। क्योंकि घायल बाबर चौधरी पर नशा तस्करी के आधा दर्जन केस दर्ज हैं।
जानकारी के अनुसार मरने वालों में शामिल आरिफ ने शुक्रवार सुबह पिता तालिब से कार मांगी थी। आरिफ ने कहा था कि उसके किसी दोस्त की मां बीमार है और उसे लेकर अस्पताल जाना है, लेकिन तालिब ने आरिफ को मना कर दिया। किसी तरह से आरिफ ने चाबी ली और कार लेकर घर से चला गया। इसके पहले साबर, बाबर और प्रवीन तीनों आरिफ के घर चौहाला उसको लेने के लिए गए थे। इस दौरान उनका सामना पुलिस कर्मियों से हो गया। सूत्रों के अनुसार दोनों गुटों में ड्रग्स, जमीन और पैसों का पुराना लेनदेन था। हालांकि इसकी कोई पुष्टि नहीं हुई है।
निलंबित है सादिक, भूपेंद्र सांबा में तैनात
आरोपियों में शामिल हेड कांस्टेबल सादिक चौधरी आईआरपी की 17 बटालियन का जवान है, जो फिलहाल निलंबित है। वहीं, अन्य आरोपी भूपेंद्र सिंह आईआरपी की 12 बटालियन का जवान है, जो इस समय सांबा में तैनात है।
डॉक्टरों के बोर्ड ने किया पोस्टमार्टम
मृतक आरिफ और साबर का शुक्रवार की शाम 6 बजे डॉक्टरों के बोर्ड ने पोस्टमार्टम किया। एसएसपी जम्मू ने इसे लेकर डीसी की अनुमित से अस्पताल में बोर्ड बनवाया और इसके बाद पोस्टमार्टम कराया, ताकि मामले की तह तक जाया जा सके।