उत्तराखंड में रविवार सुबह ग्लेशियर टूटने के बाद आई तबाही में जिले के पांच मजदूर लापता हो गए। सुरक्षित बचे तीनों अन्य मजदूरों ने लापता साथियों के परिजनों को फोन से इसकी सूचना दी है। इससे पूरे गांव में हड़कंप मचा हुआ है। ये सभी मजदूर जल विद्युत परियोजना में काम करने के लिए एकसाथ उत्तराखंड गए थे।
सिरसिया के रनियापुर व कटकुइयां गांव थारू बाहुल्य है। यहां की अधिकांश आबादी दूरदराज क्षेत्रों में जाकर मजदूरी करती है। रनियापुर गांव के छोटू, वेद प्रकाश, हरिलाल, अजय, प्रभुनाथ, हीरालाल, राजू व राजेश कुछ दिन पूर्व ही उत्तराखंड के तपोवन में जल विद्युत परियोजना में मजदूरी करने गए थे। वहां सभी कंपनी द्वारा बनाए गए क्वार्टर में रहते थे। रविवार सुबह जब जोशीमठ के आगे ग्लेशियर टूटने से सैलाब आया तो छोटू, वेदप्रकाश, हरिलाल, अजय व प्रभुनाथ लापता हो गए।
इनके तीनों साथियों का मानना है कि ये पांचों लोग या तो सैलाब की चपेट में आकर कहीं बह गए हैं या फिर अपनी जान बचाने के लिए कहीं दूसरे स्थान की ओर चले गए हैं। फिलहाल इन पांचों लोगों का अब तक कुछ पता नहीं चल सका है। इन पांचों लोगों के सुरक्षित बचे साथी राजू, हीरालाल व राजेश ने शाम को अपने गांव रनियापुर फोन से घटना की सूचना दी तो परिवारीजनों में कोहराम मच गया। गांव के लोगों ने लापता पांचों लोगों की तलाश में मदद के लिए प्रशासन से भी संपर्क किया है।
उत्तराखंड के तपोवन में फंसे राजू ने बताया कि उसके साथ हीरालाल व राजेश हैं। वह तीनों एक सुरक्षित स्थान की ओर निकल गए हैं। मगर उनके पास खाने-पीने की कोई व्यवस्था नहीं है। यहां चारों तरफ अफरातफरी की स्थिति बनी हुई है। जबकि पांच साथी लापता हैं और उनका कुछ पता नहीं चल सका है। राजू ने जिला प्रशासन से मदद की अपील की है। वहीं, संपर्क के लिए राजू ने अपना मोबाइल नंबर 8707516796 दिया है। ताकि उससे संपर्क स्थापित कर उस तक मदद पहुंचाई जाए। इस संबंध में एडीएम योगानंद पांडेय बताते हैं कि मामले की जानकारी हुई है। प्रयास किया जा रहा है कि जिले के मजदूरों से संपर्क स्थापित हो जाए।