मार्ग शीर्ष मास की सोमवती अमावस्या आज पंच ग्रही योग में मनाई जा रही है। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, वर्ष के आखिरी सूर्य ग्रहण पर सोमवती अमावस्या के दिन इस बार पांच ग्रहों का विशेष संयोग बन रहा है। ग्रहों की यह स्थिति 57 साल बाद बन रही है। ऐसे में स्नान और दान करने से कई गुना अधिक फल प्राप्त होगा।
ज्योतिषाचार्य पीयूष भटनागर और संदीप भारद्वाज शास्त्री के मुताबिक, वर्तमान ग्रह गोचर में शनि और गुरु मकर राशि में गोचरस्थ है। इससे पहले वर्ष 1963 में पंचांग के पांच अंग एक जैसे थे। इसी तरह, इस बार अमावस्या तिथि, जेष्ठा नक्षत्र, शूल योग, चतुष्पद करण, वृश्चिक राशि का चंद्रमा अपने आप में विशिष्ट हैं।