जहां एक तरफ पूरा देश कोरोना से लड़ रहा है वहीं उत्तराखंड में भी कोरोना के केस तेजी से बढ़ते नजर आ रहे हैं कोरोना के ज्यादातर मामले देहरादून में देखने को मिले जिसमें कहीं ना कहीं बड़ी लापरवाही भी सामने आ रही है|
जिसमें एक बड़ी लापरवाही देखने को मिली पटेल नगर थाना क्षेत्र में निकट “काली माता मंदिर” जहां मेन चौक पर वाहनों का बड़ी मात्रा में आना जाना लगा रहता है , निकटतम बड़ा हॉस्पिटल भी है , व जहां पर ट्रैफिक की काफी समस्या है, चौराहे पर अन्य छोटी दुकाने स्थानीय लोगों की जरूरतों का सामान के लिए लगी रहती है उससे भी तमाम तरह की छोटी मोटी दिक्कत आम पब्लिक को होती है |

वहीं पर कुछ समय से बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के मेन चौराहे पर बंपर सेल का एक बड़ा जमावड़ा लगाया गया है, जिसमें एक्सपोर्ट का पुराना सामान बेचा जा रहा है जहां पर बड़ी भीड़ देखने को मिलती है| सूत्रों के हवाले से एक्सपोर्ट क्वालिटी का माल बाहर देशों से दिल्ली व अन्य बड़े शहरों में आता है और फिर उसे अन्य अन्य शहरों में बेचा जाता है कोरोना काल में पुराने कपड़ों की बंपर सेल जैसे स्टॉल लगाना कहां तक सही है इस मामले में जब पटेल नगर थाने में जानकारी दी गई तो थाना इंचार्ज का कहना है कि वहां एक-दो दिन पहले किसी महिला से कोई विवाद हुआ था, जिस मामले को थाना प्रभारी द्वारा पर्सनल मामला बताकर इस तरीके से सूचना दिए जाने पर मामले को किसी और तरफ मोड़ते नजर आए और कहा इस वजह से हम इस दुकान को नहीं बंद करा सकते महिला से बातचीत के विषय में जब थाना इंचार्ज से पूछा गया तो, उनका मंत्र गणना के आधार पर तमाम तरह की बातें कहीं गई वही उनके द्वारा कहा गया कि अगर महिला ज्यादा कार्यवाही करने की बातचीत करती तो उसके खिलाफ कार्यवाही हो सकती है, जिसमें उसको बड़ी दिक्कत उठानी पड़ेगी जिनका कथन सबूत के साथ मौजूद है, क्या पुलिस इसी तरह गलत चीजों को उठाने की वजह दबाती रहेगी | इस मामले में थाना पटेल नगर का रवाया बहुत अलग रहा जिस वजह से साफ तौर पर थाने की मिलीभगत नजर आ रही है|
