भोपाल: मध्यप्रदेश के जबलपुर में चार दिन पहले कोरोनोवायरस के मद्देनज़र लॉकडाउन के दौरान कथित तौर पुलिस की पिटाई से घायल 50 साल के किसान बंसी कुशवाहा की सोमवार को मौत हो गई. इस मामले में जबलपुर के गोरा बाजार पुलिस स्टेशन में तैनात एक एएसआई, एक हेड कांस्टेबल और चार सिपाहियों समेत 6 पुलिसकर्मियों को पुलिस अधीक्षक ने निलंबित कर दिया लेकिन देर शाम जबलपुर के एसपी अमित सिंह का भी तबादला हो गया. एएसपी-जबलपुर संजीव उइके के अनुसार, “प्रारंभिक जांच से पता चला है कि किसान को एक बीमारी के इलाज के लिए 19 अप्रैल को एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उसने स्थानीय पुलिस या उच्च अधिकारियों से कोई शिकायत नहीं की थी. उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतज़ार है. अगर उसमें ये बात आई कि पुलिस की पिटाई से किसान की मौत हुई है तो उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा.
ये घटना 16 अप्रैल शाम की है, जब 50 वर्षीय किसान बंशी कुशवाह अपने खेतों को पानी देकर घर लौट रहे थे. कुशवाहा की मृत्यु से पहले बनाए गए वीडियो में, वो आरोप लगा रहे हैं कि गोरा बाजार पुलिस स्टेशन के छह पुलिसकर्मियों ने उसे रोका, जब वो अपने खेतों से लौट रहे थे और इलाके में चल रहे जुए के धंधे के बारे में पूछने लगे. “जब मैंने जुए के बारे में जानकारी होने से इनकार किया, तो उन्होंने (पुलिस वालों ने) जोरदार पिटाई शुरू कर दी. उन्होंने मुझे लाठियों से पीटा जिसके बाद मैं बेहोश हो गया और पड़ोसी मुझे घर लेकर आए.
रविवार को, किसान की हालत बिगड़ने लगी, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां सोमवार तड़के इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.