नई दिल्ली: महाराष्ट्र के पालघर में 2 साधुओं और उनके ड्राइवर की पीट-पीटकर हुई हत्या के मामले में महाराष्ट्र सरकार सवालों के घेरे में है. साधुओं की पीट-पीट की हत्या कर दी. साधुओं के नाम सुशीलगिरी महाराज और कल्पवृक्षगिरी महाराज थे. पुलिस का कहना है कि इस पूरे घटना के दौरान उसकी गाड़ी को भी नुकसान पहुंचाया गया और 2 पुलिस वाले घायल भी हुए हैं. पुलिस ने कार्रवाई कर 110 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है और इलाके में पुलिस के दो अधिकारियों सस्पेंड भी किया गया है.
ट्विटर पर भी पालघर से जुड़े 4 ट्रेंड चल रहे हैं जिसमें एक ट्रेंड के अनुसार महाराष्ट्र में साधु खतरे में हैं. हालांकि पहली बार यहां हमला नहीं हुआ. इस मामले के दो दिन पहले भी मंगलवार के दिन इलाके में ज़रूरतमंदों को खाना देकर घर लौट रहे डॉक्टर विश्वास वलवी को भी चोर समझकर लोगों ने रोक लिय था और पुलिस पर भी पथराव किया गया. हालांकि विपक्ष ने इस मुद्दे पर कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं. पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जहां महाराष्ट्र सरकार को आड़े हाथों लिया तो वहीं बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने ट्वीट कर कई सवाल उठाए.
गुरुवार को हुए हत्या के समय पर्याप्त संख्या में पुलिस मौके पर क्यों नहीं थी?
फिलहाल पालघर मामले की जांच अब राज्य की सीआईडी को सौंप दी गई है.