नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दो दिवसीय दौरे पर 24 फरवरी को भारत पहुंचेंगे. ट्रंप के भारत दौरे को लेकर गुरुवार को विदेश मंत्रालय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ‘अमेरिका के साथ भारत ने अच्छा व्यवहार नहीं किया’ संबंधी अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि इसका संदर्भ व्यापार संतुलन से था और उन चिंताओं पर ध्यान देने के प्रयास किए गए हैं. जिस संदर्भ में यह बयान दिया गया है, उसे समझना महत्वपूर्ण है. भारत की 24-25 फरवरी की यात्रा से पहले ट्रंप ने कहा था कि कारोबार के क्षेत्र में भारत ने उनके देश के साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया. उन्होंने इसके साथ संकेत दिया कि ऐसा हो सकता है कि नई दिल्ली के साथ ‘बड़ा द्विपक्षीय समझौता’ अमेरिका में नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से पहले नहीं हों.
अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान के बारे में पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, ‘जिस संदर्भ में यह दिया गया है, उसे समझना महत्वपूर्ण है. ट्रंप के बयान का संदर्भ व्यापार संतुलन से था, उन चिंताओं पर ध्यान देने के प्रयास किए गए हैं.’ भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर कब हस्ताक्षर होंगे के सवाल पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, ‘हम कोई कृत्रिम समय सीमा सृजित नहीं करना चाहते, क्योंकि ऐसे समझौतों का लाखों लोगों के जीवन पर प्रभाव पड़ता है. हमारे लिए लोगों के हित सर्वोपरि हैं. ऐसे में जल्दबाजी ठीक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 24 फरवरी को दो दिवसीय यात्रा पर भारत आ रहे हैं, जिसमें दोनों देशों के बीच के सामरिक संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने सहित रक्षा, सुरक्षा, आतंकवाद से लड़ाई, व्यापार, ऊर्जा, दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क और अन्य द्विपक्षीय मुद्दों पर व्यापक चर्चा होगी. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, ‘हम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की यात्रा की उत्सुकता से प्रतीक्षा कर रहे हैं, इससे हमारे वैश्विक सामरिक संबंध और मजबूत होंगे.’
नहीं है.’उन्होंने भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते कारोबार का भी जिक्र किया
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच वार्ता समग्र होगी और इसमें रक्षा, सुरक्षा, आतंकवाद से लड़ाई, व्यापार, ऊर्जा, दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क और अन्य द्विपक्षीय मामलों सहित हमारी रणनीतिक भागीदारी से संबंधित मुद्दों पर चर्चा होगी. उन्होंने कहा कि दोनों नेता साझा हितों के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे.