दिल्ली की कालकाजी विधानसभा सीट पर मुकाबले के लिए इस बार आम आदमी पार्टी ने आतिशी को मैदान में उतारा है. आतिशी आम आदमी पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति की सदस्या हैं. आतिशी दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की सलाहकार रह चुकी हैं. दिल्ली के सरकारी स्कूलों में आए क्रांतिकारी बदलाव के पीछे आतिशीका बहुत बड़ा योगदान हैं. माना जाता है कि उनके ही सुझाव पर दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने आमूल-चूल परिवर्तन किया.
आतिशी ने ही हैप्पीनेस करिकुलम की शुरुआत की थी. ये कोर्स दिल्ली के सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए है. हैप्पीनेस करिकुलम’ का मकसद नर्सरी से लेकर 8वीं क्लास तक के बच्चों को भावनात्मक रूप से मजबूत करना है. आतिशी की पढ़ाई दिल्ली के स्प्रिंगडेल स्कूल में हुई. जिसके बाद उन्होंने सेंट स्टीफेंस कॉलेज से बैचलर डिग्री हासिल की. उन्होंने सेंट स्टीफेंस में टॉप किया था.
जिसके बाद उन्होंने रोड्स स्कॉलशिप लेकर ऑक्सफोर्ड से मास्टर्स किया. आतिशी की मां तृप्ता वाही और पिता विजय कुमार सिंह डीयू में प्रोफेसर थे. आतिशी ने स्कूल के समय में मार्क्स और लेनिन से बनने वाले शब्द ‘मार्लेना’ को अपने नाम के साथ जोड़ दिया था.
एक दौर में बहुत से लोगों ने ‘मार्लेना’ अपने नाम के साथ इसी तरह जोड़ा था. सोशल मीडिया पर उनके नाम को लेकर अफवाह उड़ाई जा रही थी कि आतिशी ईसाई समुदाय से हैं. कई विवादों के बाद उन्होंने अपने नाम से ‘मार्लेना’ हटा दिया था. हालांकि उनका कहना था कि यह उनका निजी फैसला है.
राजनीति में आने से पहले आतिशी आंध्र प्रदेश के ऋषि वैली स्कूल में इतिहास पढ़ाती थीं. उन्होंने कई एनजीओ के साथ भी काम किया हैं. बतौर सलाहकार काम करने के लिए वो दिल्ली सरकारी से एक रुपये प्रति माह सैलरी लेती थीं.