नई दिल्ली: अत्यधिक कर्ज़ के तले दबी एअर इंडिया को चलाने के लिए सरकार को रोजाना 26 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है इसलिए अब इसे ढोना बहुत मुश्किल है. नागर विमानन मंत्री हरदीप पुरी सिंह ने प्रेस कांफ्रेस करके बताया कि एयर इंडिया को बेचने की प्रक्रिया जारी है. और अब इसके प्राइवेटाइजेशन के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है. हरदीप पुरी ने कहा कि आयकरदाताओं का पैसा सही तरीके से इस्तेमाल किया जाना चाहिए, ऐसे में सरकार के लिए यह देखने का समय आ गया है कि इसे कब तक जारी रखा जा सकता है. केंद्रीय विमानन मंत्री के अनुसार एयर इंडिया एक राष्ट्रीय संपत्ति है, यह एक बड़ा ब्रांड है और इसका सेफ्टी रिकॉर्ड काफी अच्छा रहा है.
हरदीप पुरी के अनुसार अब हमारे पास इसके निजीकरण के अलावा कोई विकल्प नहीं है, हमने इसकी शुरुआत 2 साल पहले की थी लेकिन हम सफल नहीं हो पाए थे, लेकिन अब पिछले अनुभव के आधार पर इसमें काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि इसके लिए EOI जारी करेंगे और खरीददारों की तलाश की जाएगी. उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि कोई स्वदेशी कंपनी ही इसे खरीदे. उन्होंने कहा कि फिलहाल यह नहीं कहा जा सकता है कि कब तक इसका निजीकरण होगा. एयर लाइन के किराये पर उन्होंने कहा कि अगर किराये की सीमा पर कोई कर लगाते हैं तो इसका बुरा असर पड़ेगा
इसके अलावा हरदीप पुरी ने जेवर एयरपोर्ट और दरंभगा एयरपोर्ट की भी चर्चा की. उन्होंने कहा कि जेवर एयरपोर्ट के लिए भूमि अधिग्रहण का 80 फीसदी का काम हो चुका है. प्रदेश की योगी सरकार पर हमारी बात चल रही है बाकि बची भूमि के अधिग्रहण का काम जल्द पूरा कर लिया जाएगा. वहीं दरभंगा एयरपोर्ट की शुरुआत जून 2020 में होगी. इसके अलावा सिविल एविएशन सचिव प्रदीप खरोला ने बताया कि दिल्ली एयरपोर्ट पर फेस डिटेक्शन सिस्टम लगाने का ट्रायर काफी सफल रहा है और 2020 में कई अन्य एयरपोर्ट पर भी इसका ट्रायल किया जाएगा.