चीफ एडिटर अनामिका मिश्रा: लखनऊ: ब्राह्मण समाज के मान-सम्मान पर प्रहार अब और सहन नहीं किया जाएगा। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) की परीक्षाओं में ब्राह्मण समाज के विरुद्ध अपमानजनक प्रश्नों के समावेश और पिछले महीने यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा में “अवसरवादी पंडित” जैसे आपत्तिजनक शब्दों के प्रयोग ने पूरे समाज को आक्रोशित कर दिया है। इसी अपमान के विरोध में अब ‘परशुराम दल’ ने आर-पार की लड़ाई का शंखनाद कर दिया है।
क्या है मामला?
देश भर के ब्राह्मणों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध संगठन ‘परशुराम दल’ ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा है कि समाज के गौरव को ठेस पहुँचाने की कोशिशें लगातार की जा रही हैं। चाहे वह शिक्षा का मंदिर हो या सरकारी भर्ती परीक्षा, जानबूझकर ब्राह्मण समाज को अपमानित करने के लिए विवादास्पद और निंदनीय भाषा का उपयोग किया गया है। जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा अब तक दोषियों पर कोई ठोस कार्रवाई न किए जाने से समाज में भारी उबाल है।
जून से लखनऊ में होगा अनिश्चितकालीन धरना
परशुराम दल के मण्डल अध्यक्ष राघवेन्द्र मिश्रा ने साफ कर दिया है कि अब केवल प्रदर्शन नहीं, बल्कि निर्णायक आंदोलन होगा। संगठन ने आधिकारिक तौर पर चेतावनी दी है कि 1 जून 2026 से लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास या कार्यालय के बाहर “अनिश्चितकालीन धरना” शुरू किया जाएगा। जब तक दोषियों को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर उनके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक यह आंदोलन थमेगा नहीं।
प्रशासन को दी चेतावनी
परशुराम दल ने लखनऊ के नोडल अधिकारी और डीएम को औपचारिक पत्र भेजकर स्पष्ट कर दिया है कि इस आंदोलन के दौरान कानून-व्यवस्था और सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। संगठन का कहना है कि यह केवल एक पत्र नहीं, बल्कि पूरे ब्राह्मण समाज की स्वाभिमान की गूँज है।
समाज में उबाल,
इस घटनाक्रम ने ब्राह्मण समाज के युवाओं और वरिष्ठ जनों में नई ऊर्जा का संचार कर दिया है। “जब-जब ब्राह्मण पर प्रहार हुआ है, तब-तब परशुराम का क्रोध जागा है।” 1 जून को लखनऊ की सड़कों पर उमड़ने वाला जनसैलाब यह तय करेगा कि समाज के सम्मान के साथ खिलवाड़ करने का परिणाम क्या होता है।