उत्तराखंड कैबिनेट की गुरुवार को हुई अहम बैठक में 18 प्रस्तावों पर मुहर लगी, जिनमें परिवहन, शिक्षा, वन और कुंभ मेला व्यवस्थाओं से जुड़े कई बड़े फैसले शामिल हैं। सरकार ने मोटरयान संशोधन नियमावली 2026 समेत कई नीतिगत बदलावों को मंजूरी दी है।
उत्तराखंड कैबिनेट बैठक में आज 18 प्रस्ताव आए, जिनमें से उत्तराखंड मोटरयान संशोधन नियमावली 2026 सहित कई प्रस्तावों को मंजूरी मिली। सचिव मुख्यमंत्री शैलेश बगोली ने कैबिनेट ब्रीफिंग की। गुरुवार को हुई बैठक में उत्तराखंड मोटरयान संशोधन नियमावली 2026 को मंजूरी। प्रवर्तन अधिकारी भी वर्दी पहनेंगे। वहीं शहरी विकास कुंभ मेला के लिए कार्यों की स्वीकृति आसान होगी। एक करोड़ तक के मेला अधिकारी, 5 करोड़ तक के मंडलायुक्त और बाकी शासन से स्वीकृत होंगे।
▪️उत्तराखंड अधीनस्थ वन सेवा नियमावली 2016 में संशोधन को मंजूरी।वन दरोगा की आयु सीमा 21 से 35 वर्ष तय की गई।
▪️वन आरक्षी की आयु सीमा 18 से बढ़ाकर 25 वर्ष की गई।
▪️जिला सैनिक कल्याण अधिकारी को अब सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा।-
▪️उत्तराखंड अल्पसंख्यक अधिनियम 2025 पहले ही अधिसूचित किया जा चुका है।
▪️कक्षा 1 से 8 तक के 452 मदरसों को अब जिला स्तर से मान्यता मिलेगी।
▪️कक्षा 9 से 12 तक के लगभग 52 मदरसों को उत्तराखंड बोर्ड से मान्यता लेनी होगी। इस संबंध में जल्द अध्यादेश लाया जाएगा।
प्रतीक्षा सूची (वेटिंग लिस्ट) अब एक वर्ष तक ही वैध मानी जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप विशेष शिक्षा शिक्षकों की अर्हता तय करने वाली नियमावली को मंजूरी।
▪️सहायक अध्यापकों के लिए सेवा नियमावली को स्वीकृति।
▪️लोक निर्माण विभाग (लोनिवि): हाईकोर्ट के आदेश के संदर्भ में जेई भर्ती से जुड़े ▪️मामलों की जानकारी कैबिनेट के संज्ञान में लाई गई।
▪️वर्कचार्ज कर्मियों से जुड़े निर्णय पर हाईकोर्ट के स्टे की जानकारी दी गई।
▪️डी श्रेणी के ठेकेदारों को अब 1 करोड़ की जगह 1.5 करोड़ रुपये तक के कार्य मिल सकेंगे।
▪️मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना का लाभ अब 21 अशासकीय कॉलेजों तक बढ़ाया गया।
▪️वन सीमा क्षेत्रों में मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए नई नीति को मंजूरी। इससे स्थानीय लोगों की आय बढ़ेगी और मानव-हाथी संघर्ष में कमी आने की उम्मीद है। वन सीमा मौन पालन मधुमक्खी आधारित आजीविका एवं मानव-वन्य जीव संघर्ष नियमावली 2026 को भी स्वीकृति दी गई।