छुट्टे बैलों की तरह मनमाने अंदाज में बयान दे रहे-कारनामों से हैरान कर रहे विधायकों-Senior चेहरों को आज BJP के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने सख्ती से ताकीद की कि काबू में रहें.अनुशासन के दायरे को न तोड़ें.संगठन हैं तो वे हैं.इसकी प्रतिष्ठा को आंच पर चढ़ाने की कोशिश की गई तो सख्त कदम उठाने में रहम नहीं किया जाए.बेहतर होगा कि वे निकाय चुनावों में पार्टी को अधिक से अधिक सीटें जिताने के लिए जान लगाएं.Warning मिलते ही अध्यक्ष के सामने मौजूद सभी विवादित-सुर्खी लूट रहे चेहरों ने हाथ जोड़ लिए. मुआफी के अंदाज में फिर ऐसा कुछ न दोहराने का वादा किया.
पिछले कुछ अरसे से BJP में अंदरूनी गतिविधियां नेतृत्व को असहज और नाखुश कर रही थीं.कुछ चेहरों, जिनमें विधायक-दायित्वधारी प्रमुख हैं, के नाम अलग-अलग मामलों में गलत तरीके से Media में सुर्खियाँ लूट रहे थे.पार्टी नेतृत्व और CM पुष्कर सिंह धामी इससे नाखुश बताए जा रहे थे.प्रदेश अध्यक्ष भट्ट ने मामला बिगड़ते देख सभी को तलब कर आज कस के डांट पिलाई. उनको नाहक आपस में उलझने के बजाए निकाय चुनाव में ध्यान लगाने और पार्टी को ज्यादा से ज्यादा सीटों पर विजय दिलाने में हाथ बंटाने का फरमान सुनाया.
झाड़ पड़ी और चेतावनी मिली तो सभी ने माफ़ी मांगी कि जो हुआ उसका रंज और खेद है.भविष्य में ये सब नहीं दोहराया जाएगा। भट्ट ने उनको इस पर बिना किसी कार्यवाही के छोड़ते हुए कहा कि वे निकाय चुनाव पर ध्यान दें.मतदाता सूची में वोटर जोड़ने को प्राथमिकता दें. BJP State Headquarter में हुई बैठक में प्रदेश अध्यक्ष ने प्रत्येक मामले में दोनों पक्षों को आमने-सामने बिठा के स्थिति स्पष्ट कराई।
रानीखेत विधायक प्रमोद नैनवाल, दायित्वधारी कैलाश पंत, टिहरी विधायक किशोर उपाध्याय, पूर्व मंत्री दिनेश धन्ने एवं प्रदेश कार्यसमिति सदस्य खेम सिंह चौहान ने State BJP Chief के सामने सफाई पेश की। पत्रकारों को प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि कुछ दिनों से अख़बारों-TV News-Social Media में पार्टी की अंदरूनी गतिविधियों को लेकर जो चर्चा चल रही थी, उसी संबंध में सभी पक्षों को बुलाया गया था। सभी को सफाई देने-अपनी बात रखने का मौका दिया गया.
भट्ट ने बताया कि अनुशासन का ख्याल रखने और संगठन में कोई नया हो या पुराना, किसी भी तरह की सार्वजनिक बयानबाजी से बचते हुए सिर्फ पार्टी नियमों के तहत ही बात रखने की हिदायत दी गई. सभी पक्षों ने स्वीकार किया कि मुद्दे छोटे-छोटे थे लेकिन गलतफहमी के कारण वे मीडिया में बढ़-चढ़ कर सामने आए। इन तमाम मामलों को आपस में बैठकर सुलझाया जा सकता था। भविष्य में ऐसा फिर नहीं होगा.
भट्ट ने पूछे जाने पर कहा कि पार्टी निकाय चुनाव को लेकर पूरी तरह गंभीर है। संगठन स्तर पर चुनाव प्रक्रिया को लेकर सभी रणनीतियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। कोशिश अधिक से अधिक वोटरों को मतदाता सूची से जोड़ने की है. बहुत से मामलों में देखा गया है कि बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम नगर निकाय की सूचियां से गायब हैं। ऐसे प्रकरण भी सामने आए हैं कि लोकसभा चुनाव की सूची में किसी पालिका में 18 हजार मतदाता हैं. उसी के निकाय मतदाता सूची में 26 हजार वोटर हैं।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक नगर निगम-नगर पालिका-नगर पंचायत में प्रत्याशियों का पैनल तैयार करने के लिए शीघ्र ही प्रभारी नियुक्त किए जा रहे हैं। जिला अध्यक्ष-नगर अध्यक्ष एवं संगठन के तमाम पदाधिकारी से विचार विमर्श कर औसतन 2 से 3 नाम प्रदेश नेतृत्व को भेजेंगे। उस पर प्रदेश संसदीय समिति विचार कर उम्मीदवार चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी।