मजदूरों के बचाव के लिए अभी तक जो भी प्रयास किए गए हैं, वे सकारात्मक हैं। जल्द ही सभी 41 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा। इंटरनेशनल टनलिंग और अंडरग्राउंड स्पेस एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रो. अर्नोल्ड डिक्स ने कहा, बचाव के सभी प्रयास और तेज हो गए हैं।
प्रो. डिक्स ने सोमवार को सुरंग के ऊपर पहुंचकर उस स्थान का निरीक्षण किया, जहां से डि्लिंग शुरू की जाएगी। मीडिया से बातचीत में प्रो. डिक्स ने कहा, हम सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। कहा, जो स्थान चुना गया है, वह सुरंग के मुख्य द्वार से 320 मीटर दूरी पर है, जहां से करीब 90 मीटर डि्ल करने के बाद मजदूरों तक पहुंचा जा सकेगा।
बताया, यहां भूगर्भीय स्थिति अनुकूल पाई गई है। उनके साथ एसजेवीएनएल और आरवीएनएल के विशेषज्ञों ने भी मौका मुआयना किया। उम्मीद जताई जा रही कि मंगलवार को दोनों कंपनियों की मशीन यहां पहुंच जाएंगी और अगले 30 घंटे में उनसे डि्ल का काम शुरू हो जाएगा।
एसजेवीएन की तीन मशीन आ रहीं
एसजेवीएन के अधिकारी जसवंत कपूर ने बताया, उनकी तीन मशीन यहां पहुंच रही हैं। एक मशीन शाम को पहुंच गई। बाकी दो मशीन भी यहां पहुंच जाएंगी। बताया, हमने बैकअप प्लान भी बना लिया है। मंगलवार को सुबह सभी मशीन ऊपर पहुंचाई जाएंगी। वहीं, आरवीएनएल के अपर महाप्रबंधक विजय डंगवाल ने बताया, उनकी लाइफलाइन डि्ल मशीन मंगलवार को पहुंच जाएगी। अभी रास्ते में है। इससे मजदूरों के लिए खाद्य सामग्री, मोबाइल आदि भीतर पहुंचाया जा सकेगा।